Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Aug, 2026 10:24 AM

रक्षाबंधन के त्यौहार के चलते गुरुवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की रफ्तार पूरी तरह से थम गई। दिल्ली-एनसीआर से अपने घर जाने वाले लोगों की भारी भीड़, बारिश और खराब ट्रैफिक प्रबंधन के कारण मुख्य सड़कों और एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें...
नोएडा: रक्षाबंधन के त्यौहार के चलते गुरुवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की रफ्तार पूरी तरह से थम गई। दिल्ली-एनसीआर से अपने घर जाने वाले लोगों की भारी भीड़, बारिश और खराब ट्रैफिक प्रबंधन के कारण मुख्य सड़कों और एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। शाम होते-होते स्थिति और भी गंभीर हो गई, जिससे यात्रियों को 2 से 3 घंटे की भारी देरी का सामना करना पड़ा।
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में काम करने वाले हजारों लोग त्यौहार मनाने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों के लिए रवाना हुए। इस वजह से नोएडा एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे, चिल्ला बॉर्डर, कालिंदी कुंज, सेक्टर 62-63, परी चौक और एफएनजी (FNG) एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों का दबाव अचानक बढ़ गया। दिल्ली जाने वाले रास्तों और बॉर्डर्स पर भी गाड़ियों की कतारें कई किलोमीटर तक फैल गईं।
सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में नोएडा एक्सप्रेसवे, सेक्टर 62 और 63, सेक्टर 37, परी चौक, ग्रेटर नोएडा-दादरी रोड, विकास मार्ग, FNG एक्सप्रेसवे, कालिंदी कुंज, चिल्ला बॉर्डर और DND फ्लाईवे शामिल थे।
दिल्ली जाने वाले रास्तों पर खास तौर पर भारी ट्रैफिक था- चिल्ला बॉर्डर, कालिंदी कुंज और DND फ्लाईवे के आसपास गाड़ियां बहुत धीमी गति से चल रही थीं। गाड़ियों की कतारें कई किलोमीटर तक लंबी थीं और बॉर्डर पर इंतज़ार का समय लगभग दोगुना हो गया था।
परी चौक और ग्रेटर नोएडा-दादरी रोड के आसपास ट्रैफिक धीमा रहा, जबकि FNG एक्सप्रेसवे और विकास मार्ग पर भी लंबे समय तक जाम लगा रहा।
त्योहार की भीड़ सिर्फ़ प्राइवेट गाड़ियों तक ही सीमित नहीं थी। बड़ी संख्या में यात्री आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मथुरा, कानपुर, लखनऊ और दूसरे ज़िलों के लिए सरकारी बसें पकड़ने बस स्टॉप पर पहुंचे। बसों की ज़्यादा आवाजाही से कई जगहों पर भीड़ बढ़ गई, जबकि यात्रियों को बसों में चढ़ने और भीड़-भाड़ वाले इलाकों से गुज़रने में परेशानी हुई।
गाजियाबाद में NH-9, लाल कुआं, इंदिरापुरम, सेक्टर 62 और डासना के आसपास गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं। मोहन नगर के पास और RRTS स्टेशन के नीचे पानी जमा होने से ट्रैफिक और धीमा हो गया।
900 से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात
हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने 26 से 28 अगस्त तक NH-9 पर भारी कमर्शियल वाहनों पर रोक लगाई थी और 900 से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए थे, लेकिन अचानक बढ़ी भीड़ के आगे यह व्यवस्था नाकाफी साबित हुई। गाजियाबाद के मोहन नगर और RRTS स्टेशन के पास जलभराव ने समस्या को और बढ़ा दिया। नोएडा में ड्राइवरों को भीड़ से बचने के लिए कोई एडवांस एडवाइजरी जारी नहीं की गई, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ गया।
ज़्यादातर छुट्टियां सफ़र में ही बीत जाएंगी
वहीं, नोएडा से कानपुर के लिए शाम 4 बजे निकले संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें NH-9 पर सेक्टर 62 गोलचक्कर तक पहुंचने में ही एक घंटा लग गया और फिर लखनऊ जाने वाली बस के लिए लगभग दो घंटे इंतज़ार करना पड़ा। उन्होंने कहा, "अब तक तो मेरी आधी यात्रा पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा लगता है कि मेरी ज़्यादातर छुट्टियां सफ़र में ही बीत जाएंगी।"