Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 Jan, 2026 01:18 PM

BCCI अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम से 'ए-प्लस' (A+) ग्रेड को पूरी तरह हटाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में इस टॉप कैटेगरी के खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते हैं। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने सुझाव दिया है कि अब केवल तीन कैटेगरी...
नेशनल डेस्क: BCCI अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम से 'ए-प्लस' (A+) ग्रेड को पूरी तरह हटाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में इस टॉप कैटेगरी के खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते हैं। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने सुझाव दिया है कि अब केवल तीन कैटेगरी (A, B और C) ही रखी जाएं।
दिग्गज खिलाड़ियों का क्यों होगा डिमोशन?
रोहित शर्मा और विराट कोहली लंबे समय से BCCI की टॉप कैटेगरी का हिस्सा रहे हैं, लेकिन अब उनके ग्रेड में बदलाव की दो मुख्य वजहें सामने आ रही हैं:
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रिटायरमेंट: रोहित और कोहली दोनों ही T-20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं। अब वे केवल वनडे (ODI) क्रिकेट में सक्रिय हैं।
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नया नियम: BCCI का नियम है कि 'A+' कैटेगरी में केवल उन्हीं खिलाड़ियों को रखा जाता है जो खेल के तीनों फॉर्मेट (Test, ODI, T20) में खेलते हैं। चूंकि ये दोनों दिग्गज अब केवल एक फॉर्मेट खेल रहे हैं, इसलिए उन्हें 'बी' कैटेगरी (3 करोड़ रुपये सालाना) में डाला जा सकता है।
पिछले कॉन्ट्रैक्ट (2024-25) की स्थिति एक नजर में:
पिछले साल अप्रैल 2025 में घोषित अनुबंधों के अनुसार श्रेणियों का बंटवारा इस प्रकार था:
| कैटेगरी |
सालाना फीस |
प्रमुख खिलाड़ी |
| Grade A+ |
₹7 करोड़ |
रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा |
| Grade A |
₹5 करोड़ |
शुभमन गिल, हार्दिक पंड्या, मोहम्मद शमी, ऋषभ पंत, केएल राहुल, मोहम्मद सिराज |
| Grade B |
₹3 करोड़ |
सूर्यकुमार यादव, यशस्वी जायसवाल, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, श्रेयस अय्यर |
| Grade C |
₹1 करोड़ |
रिंकू सिंह, संजू सैमसन, ईशान किशन, सरफराज खान, तिलक वर्मा (कुल 19 खिलाड़ी) |
आगे क्या होगा?
BCCI की आगामी एपेक्स काउंसिल मीटिंग में इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। यदि यह मॉडल मंजूर होता है, तो भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत होगी जहाँ खिलाड़ियों का ग्रेड उनकी वरिष्ठता के बजाय उनके वर्तमान प्रदर्शन और तीनों फॉर्मेट में उनकी भागीदारी के आधार पर तय होगा।
खास बात: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भी हाल ही में अपनी टॉप कैटेगरी खत्म कर इसी तरह का बदलाव किया है। अब देखना यह है कि क्या बीसीसीआई अपने इन दो सबसे बड़े सुपरस्टार्स के लिए नियमों में कोई रियायत देता है या नहीं।