इस देश में 48 घंटे से ब्लैक आऊट, भीषण गर्मी में बिजली संकट से लोगों में मची त्राहि-त्राहि

Edited By Updated: 01 Aug, 2026 07:11 PM

scorching heat prolonged power outages deepen hardships in khartoum

सूडान की राजधानी खार्तूम में भीषण गर्मी और 48 घंटे तक की बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मरीजों, दुकानदारों और अस्पतालों पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है। सरकार बिजली व्यवस्था सुधारने का दावा कर रही है, लेकिन हालात अभी भी बेहद चुनौतीपूर्ण...

International Desk: गृहयुद्ध की तबाही से उबरने की कोशिश कर रहे सूडान की राजधानी खार्तूम में अब भीषण गर्मी और लंबे समय तक बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में 48 घंटे तक बिजली नहीं रहने से आम जीवन, स्वास्थ्य सेवाएं और कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय निवासी कौसर अहमद ने बताया कि उनका बीमार भाई ठंडे माहौल में रहने का मोहताज है, लेकिन लगातार बिजली कटने से उसकी हालत और बिगड़ रही है। परिवार को बिजली आने के कुछ घंटों के भीतर मोबाइल चार्ज करने, पानी भरने और खाने-पीने का सामान सुरक्षित रखने जैसे सभी जरूरी काम निपटाने पड़ते हैं।

 

मधुमेह से पीड़ित रुआ ओमर ने कहा कि लंबे समय तक बिजली न रहने से इंसुलिन जैसी जीवनरक्षक दवाओं को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। वहीं फ्रिज में रखा भोजन भी खराब हो जाता है, जिससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। दक्षिणी खार्तूम में किराना दुकान चलाने वाले मोहम्मद अहमद बशीर ने बताया कि बार-बार बिजली जाने से सामान खराब हो रहा है और जनरेटर चलाने के लिए महंगा ईंधन खरीदना पड़ रहा है। दूसरी ओर सौर ऊर्जा प्रणाली अधिकांश छोटे कारोबारियों की पहुंच से बाहर है।

 

दंत चिकित्सक रुआ आदिल मुस्तफा ने कहा कि रोजाना 18 घंटे तक बिजली कटौती के कारण क्लिनिक का काम बाधित हो रहा है। बिजली पर निर्भर मशीनें बंद हो जाती हैं, जिससे कई मरीजों का इलाज टालना पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ओसामा अवदल्लाह ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी और बिजली संकट के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, त्वचा रोग और गर्मी से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के दौरान बिजली संयंत्रों और ट्रांसमिशन नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि सूडान सरकार का दावा है कि मुरम्मत के जरिए 260 मेगावाट बिजली उत्पादन बहाल किया गया है और जल्द ही उत्पादन क्षमता 600 मेगावाट से अधिक हो जाएगी।

 

 

  

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