Edited By Tanuja,Updated: 18 Jul, 2026 07:20 PM

यूक्रेन ने रूस के कई क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया, जिसमें 8 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हो गए। वाइल्डबेरीज के गोदाम, तेल डिपो और अन्य अहम ठिकानों पर आग लग गई। रूस ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 379 यूक्रेनी ड्रोन...
International Desk: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच शनिवार तड़के यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हो गए। हमलों में रूस के प्रमुख लॉजिस्टिक गोदाम, तेल डिपो और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। कई स्थानों पर भीषण आग लग गई, जबकि रूस ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सैकड़ों ड्रोन मार गिराए। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेन ने रात के समय रूस के विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन हमले किए। सबसे बड़ा हमला रूस की प्रमुख ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज (Wildberries) के दो बड़े गोदामों पर हुआ। इनमें से एक गोदाम तांबोव क्षेत्र के कोतोव्स्क में और दूसरा मॉस्को के पास इलेक्ट्रोस्टाल में स्थित है। हमले के बाद दोनों गोदामों में भीषण आग लग गई। बाद में कंपनी की संस्थापक तात्याना किम ने बताया कि कोतोव्स्क स्थित गोदाम में लगी आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि इलेक्ट्रोस्टाल के गोदाम से धुएं के विशाल गुबार उठते रहे।
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि यूक्रेनी ड्रोन ने नोगिंस्क शहर के एक तेल डिपो पर भी हमला किया, जिससे वहां आग लग गई। सुरक्षा के मद्देनजर पास के एक प्रसूति अस्पताल और आवासीय इमारत को खाली कराया गया। ड्रोन का मलबा एक किंडरगार्टन (प्री-स्कूल) पर भी गिरा, जिससे वहां भी आग लग गई। हालांकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया। तांबोव क्षेत्र के गवर्नर येवगेनी पेरविशोव के अनुसार, कोतोव्स्क स्थित गोदाम में रात्रि पाली में काम कर रहे 7 कर्मचारियों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। वहीं मॉस्को क्षेत्र में कुल 37 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा व्लादिमीर शहर में एक यूक्रेनी ड्रोन आवासीय इमारत से टकरा गया, जिससे आग लग गई। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि लंबी दूरी की कार्रवाई के तहत मॉस्को और तांबोव क्षेत्रों में स्थित दो महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक केंद्रों पर हमला किया गया। उनके अनुसार इन प्रतिष्ठानों का इस्तेमाल रूस ड्रोन और नौवहन उपकरणों के निर्माण में उपयोग होने वाले प्रतिबंधित कलपुर्जों की आपूर्ति के लिए कर रहा था।जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन के विशेष अभियान बलों ने आजोव सागर और रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में स्थित सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 19 क्षेत्रों, क्रीमिया, आज़ोव सागर और काला सागर के ऊपर उड़ रहे 379 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट कर दिया। रूस का कहना है कि हमलों का मुख्य उद्देश्य उसकी ऊर्जा और सैन्य अवसंरचना को नुकसान पहुंचाना था।