Edited By Anu Malhotra,Updated: 16 Apr, 2026 11:09 AM

TCS Nashik Employee: टीसीएस की नासिक शाखा में महिला कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के बीच एक और सनसनीखेज मामला सामने आया। कंपनी के एक पुरुष सहकर्मी ने भी दावा किया है कि उसे टोपी पहनने और नमाज अदा करने के लिए मजबूर...
TCS Nashik Employee: टीसीएस की नासिक शाखा में महिला कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के बीच एक और सनसनीखेज मामला सामने आया। कंपनी के एक पुरुष सहकर्मी ने भी दावा किया है कि उसे टोपी पहनने और नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया गया था। उसने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों में से एक ने उससे कहा कि अगर उसे बच्चा चाहिए तो वह अपनी पत्नी को भेजे।
एक टीवी चैनल से बात करते हुए उस व्यक्ति ने बताया कि उसके टीम लीडरों ने उसे नमाज़ पढ़ने, कलमा पढ़ने और टोपी पहनने के लिए मजबूर किया। उसने कहा कि उत्पीड़न की हद तब पार हो गई जब एक आरोपी ने उसकी पर्सनल लाइफ का मजाक उड़ाते हुए यह सुझाव दिया कि बच्चा पाने के लिए वह अपनी पत्नी को उनके पास भेज दे, जबकि वह इलाज करवा रहा था।
2022 में शुरू हुआ खेल
उसके अनुसार, यह उत्पीड़न 2022 में शुरू हुआ, जब उसने कंपनी जॉइन की। उसके टीम लीडर तौसीफ अख्तर और सहकर्मी दानिश शेख ने उसे निशाना बनाना शुरू कर दिया। पद का फायदा उठाते हुए तौसीफ ने उसे सभी निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया और उस पर अतिरिक्त काम का बोझ डाल दिया।
दानिश और तौसीफ का नाम पहले एक 23 वर्षीय महिला कर्मचारी द्वारा दर्ज कराई गई FIR में सामने आया था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि दानिश ने जबरन Kiss करने की कोशिश की और उससे शादी करना चाहता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि दानिश के सहयोगियों, तौसीफ और HR अधिकारी निदा खान ने धार्मिक आस्थाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उसे प्रभावित करने की कोशिश की। पुलिस ने मामले की जांच के लिए महिला अधिकारियों को अंडरकवर एजेंट के रूप में भेजा। अब तक कुल 9 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
हिंदू मान्यताओं का मजाक उड़ाते थे सहकर्मी
पीड़ित ने बताया कि वह एक धार्मिक हिंदू है और रामदास स्वामी का अनुयायी है, जो नियमित रूप से रुद्राक्ष माला पहनता है। उसने आरोप लगाया कि उसके सहकर्मी हिंदू मान्यताओं का मजाक उड़ाते थे और धार्मिक हस्तियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते थे। उसने यह भी कहा कि उसे रात की शिफ्ट के बाद होटलों में ले जाकर जबरन मांसाहारी खाना खिलाने की कोशिश की गई, जबकि वह सख्त शाकाहारी है। मना करने पर उसका मजाक उड़ाया जाता था।
उसका आरोप है कि 2023 में ईद के मौके पर उसे एक आरोपी के घर ले जाया गया, जहां उसे टोपी पहनाकर नमाज़ पढ़वाई गई और उसकी तस्वीरें खींचकर ऑफिस ग्रुप में साझा की गईं ताकि उसे अपमानित किया जा सके।
निजी जीवन का बार-बार उड़ाते थे मजाक
पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादी और संतान न होने को लेकर उसका मजाक उड़ाया गया। आरोप है कि उससे बेहद आपत्तिजनक बातें कही गईं, जैसे कि बच्चा पाने के लिए वह अपनी पत्नी को उनके पास भेज दे। जब उसने विरोध किया तो स्थिति और बिगड़ गई। उसका आरोप है कि एक आरोपी ने उस पर टेबल फैन फेंका और जान से मारने की धमकी दी। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी महिला कर्मचारियों पर भी आपत्तिजनक कमेंट करते थे। जब उसके पिता को पैरालिसिस हुआ, तब आरोपियों ने कहा कि धर्म परिवर्तन करने पर वे ठीक हो जाएंगे।
जब उसने उनकी बात मानने से इनकार किया, तो उसके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराई गईं ताकि उसे नौकरी से निकाला जा सके। उसका कहना है कि यह उत्पीड़न 2022 से 23 मार्च 2026 तक चलता रहा। पीड़ित के अनुसार, शुरुआत में आरोपियों ने उससे दोस्ती की, लेकिन बाद में अपनी मंशा जाहिर की। उसका दावा है कि उसे मानसिक रूप से तोड़ने के लिए बार-बार धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया।