चीन जा रहा जहाज डूबा, पारादीप बंदरगाह से 240 नॉटिकल मील दूर हादसा, 24 क्रू मेंबर्स थे सवार

Edited By Updated: 23 Aug, 2026 06:18 AM

ship heading to china sinks

ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से चीन के लिए रवाना हुआ एक मालवाहक जहाज गहरे समुद्र में लापता हो गया है।

पारादीप: ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से चीन के लिए रवाना हुआ एक मालवाहक जहाज गहरे समुद्र में लापता हो गया है। इस जहाज से पारादीप तट से करीब 200 नॉटिकल मील की दूरी पर अचानक संपर्क टूट गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय तटीय सुरक्षा बल (कोस्ट गार्ड) और भारतीय नौसेना ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए संयुक्त रूप से एक बड़ा खोज और बचाव अभियान (Search and Rescue Operation) शुरू कर दिया है।

1700 टन लोहा लेकर चीन जा रहा था जहाज

पारादीप पोर्ट अथॉरिटी के सूत्रों के अनुसार, पनामा के ध्वज वाला यह मालवाहक जहाज 20 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे पारादीप बंदरगाह से रवाना हुआ था। इस जहाज पर लगभग 1700 टन कच्चे लोहे का चूरा (Iron Ore Fines) लदा हुआ था। लेकिन बंदरगाह से लगभग 200 नॉटिकल मील की दूरी पर पहुंचने के बाद अचानक जहाज से संपर्क टूट गया और वह लापता हो गया।

24 जिंदगियां दांव पर, गहरे पानी में डूबने की आशंका

प्रारंभिक सूचनाओं के मुताबिक, लापता हुए इस मालवाहक जहाज पर कुल 24 क्रू मेंबर्स सवार हैं। इनमें 20 चीनी नागरिक, 1 बांग्लादेशी और 3 म्यांमार के नागरिक शामिल हैं। हालांकि, जहाज की वर्तमान स्थिति और चालक दल की सुरक्षा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जहाज का नाम, आईएमओ (IMO) नंबर और संपर्क टूटने के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

इस बीच कुछ रिपोर्टों में यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि यह जहाज गहरे समुद्र में डूब चुका है। ऐसी स्थिति में चालक दल के सदस्य लाइफ जैकेट और लाइफबोट्स के सहारे समुद्र की लहरों के बीच तैरते हुए अपनी जान बचाने का प्रयास कर रहे हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं।

अंडमान और निकोबार यूनिट ने संभाली कमान

भारतीय कोस्ट गार्ड के पारादीप यूनिट के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) संजय नेगी ने बताया कि इस खोज और बचाव अभियान का नेतृत्व अंडमान और निकोबार यूनिट द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बचाव दल जल्द ही मौके पर पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही, समुद्र में उस क्षेत्र के आसपास मौजूद अन्य जहाजों को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में मदद कर सकें।

Related Story

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!