Edited By Parveen Kumar,Updated: 09 Mar, 2026 07:17 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran से जुड़े संकट के बीच सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। तेल महंगा होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है...
नेशनल डेस्क : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran से जुड़े संकट के बीच सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। तेल महंगा होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महंगाई का दबाव बढ़ता है तो दुनिया भर के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं।
इसी वजह से वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और US Dollar Index लगभग 100 के स्तर के करीब पहुंच गया। मजबूत डॉलर का असर सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं की मांग पर पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में इनके दाम पर दबाव दिखाई दिया।
दिल्ली में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट
देश की राजधानी Delhi में सोमवार को चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार चांदी का भाव करीब 3,400 रुपये टूटकर 2,68,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 2,71,700 रुपये प्रति किलोग्राम था।
वहीं 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में हल्की बढ़त दर्ज हुई। सोना करीब 200 रुपये मजबूत होकर 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में यह 1,64,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।
वैश्विक बाजार में भी दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के दाम में कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड करीब 1.26 प्रतिशत गिरकर 5,105 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी भी लगभग 0.53 प्रतिशत गिरकर 83.92 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर रही।
विशेषज्ञों की राय
HDFC Securities के कमोडिटी विश्लेषक Saumil Gandhi के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। इससे निवेशकों को लग रहा है कि Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती को टाल सकता है। इसी कारण डॉलर और बॉन्ड यील्ड को समर्थन मिला और कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया।
वहीं Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटी विशेषज्ञ Praveen Singh का कहना है कि पश्चिम एशिया में आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अचानक लगभग 30 प्रतिशत की तेजी आई है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
आगे क्या रहेगा रुख?
Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च विशेषज्ञ Kainat Chainwala का कहना है कि हाल के दिनों में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों को मार्जिन कॉल पूरी करने के लिए अपनी होल्डिंग बेचनी पड़ी, जिससे बुलियन कीमतों पर अतिरिक्त दबाव आया।