कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने में लगे हैं, उन्हें लद्दाख के विकास की कोई परवाह नहीं : उपराज्यपाल

Edited By Updated: 15 Sep, 2026 07:43 PM

some people are busy serving their own political interests they have no concern

लद्दाख में नए सिरे से विरोध-प्रदर्शनों की योजना बना रहे समूहों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए, उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार को कहा कि "कुछ लोग केंद्र शासित प्रदेश के विकास की वास्तविक चिंता किए बिना अपने राजनीतिक लक्ष्यों को आगे...

नेशनल डेस्क : लद्दाख में नए सिरे से विरोध-प्रदर्शनों की योजना बना रहे समूहों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए, उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार को कहा कि "कुछ लोग केंद्र शासित प्रदेश के विकास की वास्तविक चिंता किए बिना अपने राजनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं"। यहां 11वें लद्दाख जंस्कार उत्सव 2026 का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि राजनीतिक मुद्दों की अपनी जगह है, लेकिन विकास एक अलग मामला है और किसी को भी लद्दाख की तरक्की के रास्ते में रुकावट नहीं बनने देना चाहिए।

जलवायु कार्यकर्ता और लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के सदस्य सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार एक हफ्ते के अंदर उनकी मुख्य मांगों पर साफ आश्वासन नहीं देती है, तो 19 सितंबर से लद्दाख में नया आंदोलन शुरू होगा। यह चेतावनी लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) की गृह मंत्रालय की एक उप समिति के साथ नौ सितंबर को हुई बैठक के कुछ ही समय बाद आई। इन दोनों समूहों ने बैठक को "निरर्थक" बताया।

एलएबी और केडीए ने पिछले हफ्ते लद्दाख में 19-24 सितंबर तक पदयात्रा करने का ऐलान किया। वांगचुक ने कहा कि सरकार ने इन समूहों की ओर से सौंपी गई उन मांगों पर कोई जवाब नहीं दिया है जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता; इनमें एक ऐसी शासन व्यवस्था की मांग भी शामिल है जिसमें चुनी हुई विधानसभा नौकरशाही से ऊपर हो और कानून-व्यवस्था पर उसका नियंत्रण हो। उपराज्यपाल ने किसी का नाम लिये बगैर कहा, "कुछ लोग अपने राजनीतिक मकसद पूरे करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें लद्दाख के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि लद्दाख के लोगों को यह देखना चाहिए कि (अगस्त 2019 में) लद्दाख के केंद्र-शासित प्रदेश बनने के बाद से यहां कितना विकास हुआ है।"

सक्सेना ने केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख के सड़क नेटवर्क में हुई बढ़ोतरी पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि उस समय वहां लगभग 1,700 किलोमीटर सड़कें थीं, जबकि आज यह आंकड़ा लगभग 4,400 किलोमीटर है। उन्होंने पर्यटकों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी की ओर भी इशारा किया और इस वृद्धि का श्रेय उस इलाके में बुनियादी ढांचे के मजबूत होने को दिया। जंस्कार उत्सव का दो दिन चलने वाला 11वां संस्करण आज सुबह शुरू हुआ। इसमें जंस्कार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक संगीत, नृत्य, कला और स्थानीय परंपराओं की झलक देखने को मिली।

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