Edited By Ramkesh,Updated: 16 Jul, 2026 01:12 PM

पिछले 19 दिन से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक के डॉक्टर की ओर से बृहस्पतिवार को जारी ताजा स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक कार्यकर्ता का वजन नौ किलोग्राम से अधिक कम हो गया है। वांगचुक की सेहत पर नजर रखने वाले वरिष्ठ जनरल...
नेशनल डेस्क: पिछले 19 दिन से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक के डॉक्टर की ओर से बृहस्पतिवार को जारी ताजा स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक कार्यकर्ता का वजन नौ किलोग्राम से अधिक कम हो गया है। वांगचुक की सेहत पर नजर रखने वाले वरिष्ठ जनरल फिजिशियन डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से कार्यकर्ता का वजन नौ किलोग्राम से अधिक कम हो गया है।
उन्होंने बताया कि वांगचुक के रक्त में शर्करा का स्तर 80 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर था, जबकि उनकी पल्स रेट 72 बीट प्रति मिनट थी। वांगचुक राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के प्रदर्शन में 28 जून को शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। लांबा ने बताया कि लेटे हुए उनका रक्तचाप 105/61 एमएमएचजी और बैठे हुए 101/65 एमएमएचजी रिकॉर्ड किया गया।
डॉक्टर ने कहा कि वांगचुक के शरीर में पानी का स्तर ठीक है और लंबे समय तक भूखे रहने के बावजूद वह मानसिक रूप से ठीक हैं। 'कॉजपा' ने छह जून को राष्ट्रीय राजधानी में अपना पहला प्रदर्शन शुरू किया जो बाद में 20 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया। बृहस्पतिवार को पार्टी के विरोध प्रदर्शन का 27वां दिन था।