Stock Market Crash: शेयर मार्केट धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 2300 अंक टूटा, मचा हाहाकार

Edited By Updated: 09 Mar, 2026 02:39 PM

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सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की करीब 15 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट गई। सेंसेक्स 2,345 अंक गिरकर 76,573 पर और निफ्टी 708 अंक टूटकर 23,741 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक बाजारों में कमजोरी,...

नेशनल डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली और निवेशकों की दौलत में भारी कमी दर्ज की गई। पूरे दिन बिकवाली के दबाव के बीच दलाल स्ट्रीट पर घबराहट का माहौल रहा। बाजार में आई इस तेज गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में करीब 15 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2,345 अंकों यानी करीब 2.97 प्रतिशत गिरकर 76,573 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 708 अंक यानी 2.89 प्रतिशत टूटकर 23,741 पर आ गया।

5 जनवरी को बने अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से अब बाजार 10 प्रतिशत से अधिक नीचे आ चुका है। तकनीकी भाषा में इस स्थिति को “टेक्निकल करेक्शन” कहा जाता है। सुबह बाजार खुलते ही अधिकांश निवेशकों के पोर्टफोलियो में लाल निशान दिखाई दिए, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई।

गिरावट के प्रमुख कारण

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ा है। इराक और कुवैत द्वारा उत्पादन घटाने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है।

वैश्विक बाजारों में कमजोरी
भारतीय बाजारों के साथ-साथ एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 7 प्रतिशत तक गिर गया, जबकि जापान का निक्केई लगभग 6.5 प्रतिशत टूट गया। अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। मार्च के शुरुआती चार दिनों में ही उन्होंने लगभग 21,829 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। जब तक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक उनके दोबारा बड़े पैमाने पर निवेश करने की संभावना कम मानी जा रही है।

रुपये पर दबाव
डॉलर की मजबूती और महंगे कच्चे तेल की वजह से भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। सोमवार को रुपया 46 पैसे कमजोर होकर 92.28 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जो इसके अब तक के सबसे निचले स्तरों में से एक है।

India VIX में तेज उछाल
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स India VIX करीब 21 प्रतिशत बढ़कर 24.18 पर पहुंच गया। यह लगभग 21 महीनों का उच्चतम स्तर है। VIX में तेजी यह संकेत देती है कि निवेशकों में भविष्य को लेकर काफी अनिश्चितता और डर बना हुआ है।

बैंकिंग शेयरों में भारी दबाव
बैंकिंग सेक्टर में भी जोरदार बिकवाली देखी गई। कई पीएसयू बैंक शेयरों में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जबकि बड़े निजी बैंक जैसे HDFC बैंक और ICICI बैंक के शेयर भी 3 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। महंगे कच्चे तेल के कारण महंगाई और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका से बैंकिंग सेक्टर पर दबाव बना हुआ है।

आगे क्या संकेत दे रहे हैं विशेषज्ञ

विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में निफ्टी 23,535 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। यदि यह स्तर भी टूटता है तो बाजार में और गिरावट आ सकती है और निफ्टी 22,000 के आसपास पहुंच सकता है। वहीं बाजार में मजबूती के संकेत तभी मिलेंगे जब निफ्टी 24,000 के ऊपर टिकने में सफल रहेगा।


 

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