Edited By Anu Malhotra,Updated: 27 Aug, 2026 12:38 PM

त्योहारों का सीजन शुरू होते ही आम आदमी का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। मिठाइयों की खरीददारी से पहले चीनी की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बाजारों में ग्राहकों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ चीनी के दाम बढ़ गए हैं, तो दूसरी तरफ ऑनलाइन ऐप्स और...
नई दिल्ली: त्योहारों का सीजन शुरू होते ही आम आदमी का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। मिठाइयों की खरीददारी से पहले चीनी की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बाजारों में ग्राहकों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ चीनी के दाम बढ़ गए हैं, तो दूसरी तरफ ऑनलाइन ऐप्स और रिटेल स्टोर दोनों जगह चीनी खरीदने की लिमिट तय कर दी गई है।
एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, Zepto, Blinkit और Swiggy Instamart ने कुछ चीनी उत्पादों पर मात्रा की सीमा तय की है, जिससे यह सीमित हो गया है कि कोई ग्राहक एक ऑर्डर में कितने पैक जोड़ सकता है। Swiggy Instamart पर, Supreme Harvest Crystal Sugar की लिस्टिंग में प्रति ऑर्डर दो 1-kg पैक की सीमा दिखाई गई।
ऑफ़लाइन स्टोर पर भी चीनी की खरीद पर लिमिट तय कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, DMart और Reliance जैसी बड़ी ऑफ़लाइन रिटेल चेन ने कुछ स्टोर में प्रति ग्राहक चीनी की खरीद को लगभग 2-3 kg तक सीमित कर दिया है।
क्यों महंगी हो रही चीनी?
त्योहारों में घरेलू मांग के साथ-साथ हलवाइयों, बेकरियों और फूड इंडस्ट्री से चीनी की भारी मांग आती है। सप्लाई कम होने और कीमतों में तेजी आने के कारण सरकार ने आयात और प्रोसेसिंग के नियमों में ढील दी है। 20 अगस्त के ओरिजिनल नोटिफिकेशन के तहत, सरकार ने इजाज़त दी थी कि 31 अक्टूबर, 2026 तक टैरिफ-रेट कोटा (TRQ) के तहत 1 मिलियन टन कच्ची चीनी बिना ड्यूटी के इम्पोर्ट की जा सके। इम्पोर्ट करने वालों के लिए ज़रूरी था कि वे कच्ची चीनी को सफ़ेद या रिफ़ाइंड चीनी में बदलें और 31 अक्टूबर तक भारत में बेचें। सरकार ने अब उस शर्त में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत, इम्पोर्ट करने वालों को 'बिल ऑफ़ एंट्री' फ़ाइल करने की तारीख से दो महीने तक का समय मिलेगा ताकि वे कच्ची चीनी को रिफ़ाइंड चीनी में बदल सकें और घरेलू बाज़ार में बेच सकें।