अमेरिका में 28 वर्षीय भारतीय सिविल इंजीनियर की संदिग्ध मौत, शादी के 17 दिन बाद घर में मिला शव

Edited By Updated: 17 Sep, 2026 07:23 PM

suspicious death of a 28 year old indian civil engineer in the us

हैदराबाद के 28 वर्षीय सिविल इंजीनियर मोहम्मद जाबेर हुसैन की अमेरिका में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जाबेर मैसाचुसेट्स के लोवेल में रहते थे और एक निजी कंपनी में सिविल इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी मौत शादी के महज 17 दिन बाद हुई,...

नेशनल डेस्क : हैदराबाद के 28 वर्षीय सिविल इंजीनियर मोहम्मद जाबेर हुसैन की अमेरिका में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जाबेर मैसाचुसेट्स के लोवेल में रहते थे और एक निजी कंपनी में सिविल इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी मौत शादी के महज 17 दिन बाद हुई, जिससे परिवार में मातम पसरा है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार को उनके पार्थिव शरीर को अमेरिका से भारत लाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में परिजनों ने भारत सरकार से मदद की अपील की है।

शादी के 17 दिन बाद मौत से परिवार सदमे में

जाबेर के पिता मोहम्मद जाकिर हुसैन के मुताबिक, उनके बेटे की शादी 28 अगस्त को टेक्सास में हुई थी। शादी के बाद जाबेर मैसाचुसेट्स लौट गए थे, जहां वह रह रहे थे और नौकरी कर रहे थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी पत्नी भी उनके साथ मैसाचुसेट्स गई थीं या नहीं।

परिवार के अनुसार, जाबेर ने 14 सितंबर को आखिरी बार अपने घरवालों से फोन पर बात की थी। इसके करीब आठ घंटे बाद उनके रूममेट ने परिवार को फोन कर बताया कि जाबेर की नींद में मौत हो गई है। फिलहाल परिवार को रूममेट से मिली जानकारी के अलावा उनकी मौत की परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

जाबेर की मौत की सही वजह अभी सामने नहीं आई है। परिवार पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में फिलहाल उनकी मौत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए सरकार से मदद की गुहार

जाबेर के परिवार ने भारत सरकार से उनके पार्थिव शरीर को हैदराबाद लाने में सहायता की अपील की है। परिजनों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और अमेरिका से शव भारत लाने की प्रक्रिया में होने वाला खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल है। परिवार की मदद के लिए एक सामाजिक संस्था के पदाधिकारियों ने भी पहल की है। संस्था की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर से परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।

2021 में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए अमेरिका गए थे

मोहम्मद जाबेर हुसैन वर्ष 2021 में सिविल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए अमेरिका गए थे। उन्होंने कनेक्टिकट स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू हेवन से पढ़ाई पूरी की। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वर्ष 2023 में डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने इस्टीमेटर नाम की कंपनी में इंटर्न के तौर पर काम शुरू किया और बाद में दूसरी कंपनी में नौकरी की।

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