उत्तम नगर तरुण हत्याकांड में बड़ा ट्विस्ट: वायरल वीडियो से QR कोड ठगी, 37 लाख जुटाए – पुलिस ने अकाउंट किया फ्रीज

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 07:21 PM

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पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में हुए तरुण हत्याकांड से जुड़ा एक नया और संदिग्ध मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक महिला के इंटरव्यू का वीडियो वायरल होने के बाद उस पर क्यूआर कोड जोड़कर लोगों से आर्थिक मदद मांगी गई।

नेशनल डेस्क: पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में हुए तरुण हत्याकांड से जुड़ा एक नया और संदिग्ध मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक महिला के इंटरव्यू का वीडियो वायरल होने के बाद उस पर क्यूआर कोड जोड़कर लोगों से आर्थिक मदद मांगी गई। बताया जा रहा है कि इस तरीके से कुछ ही दिनों में करीब 37 लाख रुपये एक बैंक खाते में जमा हो गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए Delhi Police ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक खाते को फिलहाल फ्रीज कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला

4 मार्च 2026 को होली के दिन पश्चिमी दिल्ली के Uttam Nagar इलाके की JJ कॉलोनी में एक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था। बताया गया कि रंग से भरे गुब्बारे को लेकर शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि 26 वर्षीय तरुण कुमार की हत्या हो गई। इस मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में कार्रवाई के तहत आरोपी परिवार से जुड़े घरों पर नगर निगम की ओर से कार्रवाई भी की गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना के कुछ दिन बाद 10 मार्च को एक महिला का इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। यह वीडियो कई प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया, जिनमें X (Twitter), YouTube और Instagram शामिल हैं। वीडियो में महिला खुद को आरोपी परिवार की दूर की रिश्तेदार बताते हुए कह रही थी कि उनका परिवार निर्दोष है और उन्हें मदद की जरूरत है।

QR कोड लगाकर मांगी गई आर्थिक मदद

वीडियो के साथ एक QR कोड भी साझा किया गया, जिसके जरिए लोगों से आरोपी परिवार की मदद के नाम पर पैसे भेजने की अपील की गई। जांच में सामने आया कि पिछले दो दिनों में इस क्यूआर कोड के जरिए करीब 37 लाख रुपये एक बैंक खाते में जमा हो गए।

पुलिस ने फ्रीज कराया बैंक अकाउंट

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते को फ्रीज करवा दिया। इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों से संपर्क कर वायरल पोस्ट और वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो अपलोड करने वाला व्यक्ति कौन है और क्यूआर कोड के जरिए पैसे जुटाने के पीछे उसका असली मकसद क्या था।

महिला को नहीं थी जानकारी

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने कहा है कि वीडियो में दिख रही महिला को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसके इंटरव्यू का इस्तेमाल लोगों से पैसे इकट्ठा करने के लिए किया जाएगा। पुलिस के अनुसार महिला का हत्या के मामले में कोई प्रत्यक्ष संबंध भी नहीं पाया गया है।

पुलिस का फोकस अब किस पर

जांच एजेंसियां अब उस व्यक्ति या समूह की तलाश कर रही हैं जिसने महिला का इंटरव्यू रिकॉर्ड किया, वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया,क्यूआर कोड जोड़कर लोगों से पैसे जुटाए। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह सच में मदद के नाम पर फंड जुटाने की कोशिश थी या फिर हत्याकांड का फायदा उठाकर ठगी करने की साजिश।

अफवाहों को लेकर पुलिस की चेतावनी

तरुण हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और अफवाहें भी सामने आई थीं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। Delhi Police ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि की जानकारी साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति इस तरह की अफवाहें फैलाता या लोगों को गुमराह करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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