Edited By Pardeep,Updated: 16 Aug, 2026 06:04 AM

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि उसके नेताओं ने कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए तंत्र-मंत्र किया और सवाल किया कि उन्होंने मंदिरों की अपनी यात्राओं को गुप्त क्यों...
नेशनल डेस्कः तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि उसके नेताओं ने कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए तंत्र-मंत्र किया और सवाल किया कि उन्होंने मंदिरों की अपनी यात्राओं को गुप्त क्यों रखा।
रेड्डी ने बीआरएस विधायक टी. हरीश राव का नाम लिये बिना कहा कि एक पूर्व मंत्री ने कर्नाटक और तमिलनाडु के मंदिरों का दौरा करके कथित तौर पर तंत्र-मंत्र किया और राज्य में सूखा, किसानों की बदहाली तथा कांग्रेस सरकार के पतन की कामना की। उन्होंने संगारेड्डी शहर में स्मार्ट पीडीएस राशन कार्ड वितरण की शुरुआत के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए सवाल किया, "आपने तमिलनाडु और कर्नाटक में अपने मंदिर दौरों का विवरण सोशल मीडिया या कहीं और साझा क्यों नहीं किया? आपने इसे गुप्त क्यों रखा?"
रेड्डी ने कहा कि हरीश राव को उन मंदिरों और कथित तंत्र-मंत्र के बारे में जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, जहां वह गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस नेता सत्ता के लिए इतना नीचे गिर गए हैं कि वे राज्य में संकट पैदा करने के लिए काला जादू तक कर रहे हैं। हालांकि, रेड्डी ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव के बावजूद गोदावरी और कृष्णा नदियों पर स्थित येल्लमपल्ली परियोजना को पानी मिला है। उन्होंने दावा किया कि यह दर्शाता है कि कांग्रेस सरकार की नीयत अच्छी है।
उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करके युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना कांग्रेस सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से बीआरएस नेताओं के उकसावे में नहीं आने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के एक साल के भीतर 70,000 सरकारी रिक्तियां भरी हैं।
रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार ने दो साल में गरीबों के लिए सात लाख मकान बनाए हैं। उन्होंने अपनी चुनौती दोहराई कि कांग्रेस उन गांवों में वोट मांगेगी जहां 'इंदिरम्मा' मकान बनाए गए हैं, जबकि बीआरएस को उन गांवों में वोट मांगने चाहिए जहां उसने दो कमरों वाले मकान बनाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस गरीबों से किए गए दो कमरों वाले मकान बनाने के वादे को पूरा करने में विफल रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 'रायथु भरोसा' निवेश सहायता योजना के तहत 70 लाख किसानों के खातों में 36,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव को इस मुद्दे पर विधानसभा में बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीडीएस दुकानों के माध्यम से हर महीने 3.48 करोड़ लोगों को दो लाख क्विंटल से अधिक बढ़िया चावल वितरित कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस के पिछले शासन के दौरान वितरित मोटे चावल का लाभार्थियों ने उपभोग नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मोटे चावल का इस्तेमाल मुर्गियों के दाने तथा बीयर और एथनॉल बनाने में किया गया। मुख्यमंत्री के आरोपों पर बीआरएस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। चार अगस्त को तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने आरोप लगाया था कि बीआरएस विधायक हरीश राव ने सूखे से राजनीतिक लाभ हासिल करने की उम्मीद में राज्य में बारिश रोकने के लिए 'क्षुद्र पूजा' की थी। हरीश राव ने गौड़ की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा था।