Edited By Parveen Kumar,Updated: 10 Jun, 2026 06:33 PM

हर मंगलवार की तरह इस बार भी मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ बड़े हर्ष उल्लास और श्रद्धा भाव से जलालाबाद के प्राचीन सिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में हुआ। हनुमान चालीसा का पाठ शुरू होने से पहले जलालाबाद के प्रख्यात व्यापारी जनक राज बजाज उनके बेटे...
नेशनल डेस्क : हर मंगलवार की तरह इस बार भी मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ बड़े हर्ष उल्लास और श्रद्धा भाव से जलालाबाद के प्राचीन सिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में हुआ। हनुमान चालीसा का पाठ शुरू होने से पहले जलालाबाद के प्रख्यात व्यापारी जनक राज बजाज उनके बेटे बृजमोहन बजाज पोते निपुण बजाज के साथ-साथ पारिवारिक बहूए और बच्चों द्वारा पंडित राहुल द्वारा विधिपूर्वक पूजा अर्चना करवाई गई। इसके बाद जनक राज बजाज के कर कमलो द्वारा ज्योति प्रज्वलित की गई।
मंदिर के प्रांगण में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के समक्ष श्री श्री राधा कृष्ण मंडली के भक्तों राजेश चुघ, धर्मेंद्र वर्मा, बबू डुमडा, राकेश कुवाह, हरिंदर गगनेजा, सुखा जलालाबादी, और अशोक सरगम द्वारा हनुमान चालीसा के पाठ, संकट मोचन, रामबाण, राम स्तुति का गुणगान करने के पश्चात भजनों का सिलसिला शुरू हो गया। जिसमें ''नाम वाली पिंगा दे हुलारे ले के देख ले; के भजन पर श्रद्धालु मस्त हो गए और झूमने लगे मर्यादा अनुसार आरती होने के पश्चात ठाकुर जी का भोग लगाया गया।

तत्पश्चात वृंदावन की भांति श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की और 'हरे राम हरे राम, राम राम हरे, हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे; का मंत्र उच्चारण करने पर झूमते झूमते श्रद्धालुओं ने मस्त भाव से परिक्रमा की सभी श्रद्धालुओं को ऐसे महसूस हो रहा था जैसे कि वह वृंदावन में 84 कोस की परिक्रमा कर रहे हो।
हमारे ग्रंथो में बताया गया है की देवी देवताओं की परिक्रमा करने से जीवन में बहुत पुण्य और प्रभु का आशीर्वाद मिलता है। आयोजित भजन संध्या के समागम में पहली बार पहुंचे कई परिवारों ने हर्ष व्यक्त करते कहा कि वह मंदिर में पहली बार आए हैं और उन्हें आकर ऐसा लग रहा है कि जैसे साक्षात ठाकुर जी जहां विराजमान है क्योंकि उन्हें यहां पर आकर बहुत सुकून मिला है और हृदय तृप्त हो गया है।

अब वह प्रतिदिन इस मंदिर के चौखट पर आकर ठाकुर जी का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे आज उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा है, कि जैसे आयोजित उक्त प्रोग्राम के माध्यम से ठाकुर जी ने जैसे खुद ही निमंत्रण भेजा हो। इस पावन अवसर पर पंडित राहुल जी और मंदिर कमेटी द्वारा बजाज परिवार को सम्मानित किया गया। अंत में ठाकुर जी के चरणों का लगा भोग आए हुए श्रद्धालुओं ने लंगर हाल में पंक्ति बंद होकर प्रसाद ग्रहण किया।