Edited By Ramkesh,Updated: 27 Jul, 2026 03:04 PM

NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बीच चर्चा से बाहर हुआ E20 पेट्रोल एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ 'E20 जनता पार्टी' नाम का अभियान अब सरकार की ईंधन नीति और पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध ईंधन विकल्पों को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। सोशल...
नेशनल डेस्क: NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बीच चर्चा से बाहर हुआ E20 पेट्रोल एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ 'E20 जनता पार्टी' नाम का अभियान अब सरकार की ईंधन नीति और पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध ईंधन विकल्पों को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। सोशल मीडिया पर इन दिनों 'E20 जनता पार्टी' नाम से एक अभियान तेजी से चर्चा में है। अभियान की मुख्य मांग है कि देश में E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के साथ-साथ उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के कारण E20 पेट्रोल पर चर्चा कुछ समय के लिए पीछे छूट गई थी। अब मीम्स, व्यंग्य और ऑनलाइन अभियानों के जरिए यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि E20 ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है, तो उपभोक्ताओं को बिना इथेनॉल मिश्रण वाला पेट्रोल चुनने का विकल्प भी मिलना चाहिए। दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना रहा है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को लाभ पहुंचाना और प्रदूषण में कमी लाना है। वहीं, कुछ वाहन मालिक और विशेषज्ञ वाहन अनुकूलता, माइलेज और उपभोक्ता विकल्प जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
फिलहाल, 'E20 जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर चल रहा एक ऑनलाइन अभियान है। सरकार की ओर से इस विशेष मांग पर कोई आधिकारिक निर्णय या घोषणा सामने नहीं आई है। हालांकि, इस अभियान ने ईंधन नीति और उपभोक्ता विकल्पों को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।