Edited By Pardeep,Updated: 27 Jul, 2026 09:56 PM

भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी तनाव के बीच चीन ने एक बार फिर अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाकर उकसावे वाली कार्रवाई की है। हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने भारत से लगी सीमा पर स्थित अपने फ्रंटलाइन एयरबेस पर J-20 स्टील्थ...
नेशल डेस्कः भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी तनाव के बीच चीन ने एक बार फिर अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाकर उकसावे वाली कार्रवाई की है। हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने भारत से लगी सीमा पर स्थित अपने फ्रंटलाइन एयरबेस पर J-20 स्टील्थ फाइटर जेट (जिसे माइटी ड्रैगन भी कहा जाता है) की बड़ी खेप तैनात की है।
होटान और डैम्सुंग एयरबेस पर बढ़ी हलचल NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में ली गई तस्वीरों में दो प्रमुख चीनी एयरबेस पर कुल 11 J-20 फाइटर जेट नजर आए हैं।
- होटान एयरबेस (शिनजियांग): 9 जुलाई की तस्वीरों में यहां 7 J-20 जेट खड़े देखे गए। यह बेस लद्दाख के लेह से 389 किमी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दौलत बेग ओल्डी एयरफील्ड से महज 245 किमी की दूरी पर है।
- डैम्सुंग एयरबेस (ल्हासा, तिब्बत): यहां 4 J-20 जेट तैनात किए गए हैं। यह स्थान अरुणाचल प्रदेश के तवांग से केवल 344 किमी दूर है।
भारत के लिए बढ़ी चिंता चीनी सेना ने इन घातक विमानों को विशेष रूप से भारत के उत्तर-पूर्व और लद्दाख क्षेत्र में हवाई अभियानों के लिए तैनात किया है। चीन इन क्षेत्रों पर अपना दावा करता रहा है, इसलिए इन आधुनिक विमानों की तैनाती को काफी अहम माना जा रहा है।
क्या है J-20 की खासियत?
- रडार की पकड़ से बाहर: यह पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जो रडार की नजर में आए बिना हमला करने में सक्षम है।
- आधुनिक तकनीक: यह उन्नत एईएसए (AESA) रडार से लैस है और इसकी तुलना अमेरिकी F-35 विमान से की जाती है।
- रफ्तार: दो शक्तिशाली इंजनों वाला यह विमान 2,100 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।
- मल्टीरोल क्षमता: इसे चेंगदू एयरोस्पेस कार्पोरेशन ने विकसित किया है और यह हर मौसम में हमला करने में सक्षम है।
चीन की इस नई चाल ने सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों को बढ़ा दिया है, जिस पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है।