Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Sep, 2026 10:08 AM

दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए एक नई पॉलिसी पर काम कर रही है, जिसके तहत ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पुराने कमर्शियल वाहनों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा। सरकार ने 'परिवर्तन योजना' को मंज़ूरी दी है, जिसके तहत पुराने वाहनों की जगह कम प्रदूषण फैलाने...
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए एक नई पॉलिसी पर काम कर रही है, जिसके तहत ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पुराने कमर्शियल वाहनों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा। सरकार ने 'परिवर्तन योजना' को मंज़ूरी दी है, जिसके तहत पुराने वाहनों की जगह कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन लाए जाएंगे। यह अभियान पूरे NCR में चलाया जा रहा है और अब तक लगभग 78,000 BS-3 और BS-4 वाहनों की पहचान की गई है।
प्रस्तावित योजना के तहत, वाहन मालिकों को BS-3 और BS-4 वाहनों को स्क्रैप करने और ज़्यादा साफ-सुथरे BS-6, CNG या इलेक्ट्रिक मॉडल खरीदने पर आर्थिक प्रोत्साहन (incentives) मिलेगा। यह कदम अनिवार्य नहीं होगा, यानी मालिक तय कर सकते हैं कि वे अपने वाहन बदलना चाहते हैं या नहीं। केंद्र सरकार भी इस पहल का समर्थन करेगी, जिसका मकसद अगली सर्दियों के मौसम से पहले ट्रकों और बसों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है।
वाहन बदलने पर नए वाहनों पर 10 साल तक टैक्स में छूट
जो मालिक अपने पुराने वाहनों को नए वाहनों से बदलेंगे, उन्हें कई तरह के प्रोत्साहन मिलेंगे। सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि पुराने वाहन को स्क्रैप करने और नया वाहन खरीदने के बाद 10 साल तक मोटर वाहन टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ कर दी जाएगी।
इस योजना के तहत नए वाहन खरीदने के लिए लिए गए लोन पर 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी भी मिलेगी। इसमें शामिल वाहन निर्माता कंपनियां अतिरिक्त 8 प्रतिशत की छूट देंगी, जबकि योग्य खरीदारों को फ्यूल वाउचर या छूट वाली कीमत के बराबर एकमुश्त भुगतान के ज़रिए एक बार का फायदा मिलेगा। यह योजना पुराने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए भी प्रोत्साहन देती है। वे 10 साल तक मोटर वाहन टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट, साथ ही 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और फ़्यूल वाउचर के बराबर एक बार का फ़ायदा उठा सकते हैं।
क्या है परिवर्तन योजना?
PARIVARTAN स्कीम को दिल्ली-NCR में तेज़ी से गाड़ियों को बदलने और वायु प्रदूषण व ट्रांसपोर्ट से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में मदद करने के लिए बनाया गया है। इसका मकसद पुरानी कमर्शियल गाड़ियों (जैसे BS-IV और उससे पुराने ट्रक और बस) को ज़्यादा साफ़-सुथरी BS-VI या इलेक्ट्रिक गाड़ियों से बदलना है।