Edited By Parveen Kumar,Updated: 07 Sep, 2026 09:51 PM

सत्य निकेतन में पेइंग गेस्ट (PG) आवास वाली इमारत के ढहने की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में PG आवासों की सुरक्षा को लेकर नई नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नई दिल्ली : सत्य निकेतन में पेइंग गेस्ट (PG) आवास वाली इमारत के ढहने की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में PG आवासों की सुरक्षा को लेकर नई नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि सरकार ऐसी नीति लाने की योजना बना रही है, जिसके तहत पुरानी इमारतों के मालिकों के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट और सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया जाएगा। इसके बाद ही इन इमारतों को PG आवास, नर्सिंग होम, स्कूल या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी।
सत्य निकेतन हादसे के बाद बढ़ी चिंता
मुख्यमंत्री की यह घोषणा दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही एक इमारत के ढहने के बाद सामने आई है। हादसे के बाद राजधानी में पुराने भवनों की सुरक्षा और उनमें चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठे हैं। सरकार का प्रस्तावित कदम खास तौर पर पुरानी इमारतों की संरचनात्मक मजबूती की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन पर केंद्रित होगा।
1993 से चल रहे हैं नियमन के प्रयास
दिल्ली में PG आवासों को नियमन के दायरे में लाने के प्रयास नए नहीं हैं। राजधानी में PG आवासों को नियंत्रित करने की कवायद वर्ष 1993 से चली आ रही है, लेकिन तीन दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद इसे अब तक व्यापक रूप से लागू नहीं किया जा सका है। नई नीति के जरिए सरकार का उद्देश्य PG समेत अन्य व्यावसायिक उपयोग में लाई जा रही पुरानी इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों के उल्लंघन पर जवाबदेही तय करना है।