ब्रिक्स समिट छोड़ स्वदेश लौटे यूएई के क्राउन प्रिंस, Red Sea में हूती विद्रोहियों के कब्जे से बढ़ा संकट

Edited By Updated: 12 Sep, 2026 10:32 PM

uae crown prince leaves brics summit and returns home

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद अपने वतन वापस लौट गए हैं। दावा किया जा रहा है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के साथ जारी युद्ध के बीच वे सम्मेलन के बीच में से ही...

नई दिल्लीः अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद अपने वतन वापस लौट गए हैं। दावा किया जा रहा है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के साथ जारी युद्ध के बीच वे सम्मेलन के बीच में से ही स्वदेश लौटे हैं।

पीएम मोदी, पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति से उच्च स्तरीय मुलाकात

स्वदेश लौटने से पहले क्राउन प्रिंस ने नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान और अबू धाबी प्रिंस के बीच यह पहली उच्च स्तरीय बैठक थी, जिसकी पुष्टि नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भी की है।

बैठक के बाद क्राउन प्रिंस ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की, साथ ही तनाव कम करने की कोशिशों तथा क्षेत्र में स्थिरता लाने के महत्व पर बात की।

तेल सप्लाई पर मंडराया खतरा, बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमलों के दौरान ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर लगातार बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों से दुबई और अबू धाबी में ऊर्जा बुनियादी ढांचे, बंदरगाहों तथा कमर्शियल सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर, ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को बंद कर दिया है। अरब प्रायद्वीप में फैली इस पाइपलाइन के बंद होने से दुनियाभर में तेल की सप्लाई में और रुकावट आने को लेकर चिंता बढ़ गई है।

रणनीतिक समुद्री मार्गों पर हूती विद्रोहियों का कब्जा

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव लगातार जारी है। शुक्रवार को हूती विद्रोहियों ने स्ट्रेट ऑफ अल मंदेब और पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया। इसके कारण यूरोप के लिए यहां से रास्ता बंद हो जाएगा और उसके जहाजों को अफ्रीका महाद्वीप का चक्कर लगाना पड़ेगा। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने कहा है कि इस रास्ते से केवल सऊदी अरब के जहाजों पर रोक रहेगी।

इसके अलावा, विद्रोहियों ने शनिवार को लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर भी कब्जा कर लिया है, जो अल मंदेब से 75 किलोमीटर दूर स्थित दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग है।

ताइज शहर की ओर बढ़ रहे विद्रोही, ईरान का बयान

अब हूती विद्रोही यमन के अहम शहर ताइज की ओर बढ़ रहे हैं। इधर, पाकिस्तान के जरिए ईरान को संदेश भेजकर सऊदी अरब ने हूतियों से हमले रोकने के लिए कहा है। हालांकि, ईरान का कहना है कि वह हूती विद्रोहियों को नियंत्रित नहीं करता है।

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