मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश व जापान के बीच निरंतर संवाद पर दिया जोर, बोले-इन्वेस्ट यूपी में अलग से बनाई जाए यामानाशी जापान डेस्क

Edited By Updated: 24 Aug, 2026 11:42 PM

the chief minister emphasized continuous dialogue between uttar pradesh and japa

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों के निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को इन्वेस्ट यूपी व अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार 240 लोगों के प्रतिनिधिमंडल का प्रदेश में आगमन हुआ। इस...

नेशनल डेस्क : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों के निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को इन्वेस्ट यूपी व अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार 240 लोगों के प्रतिनिधिमंडल का प्रदेश में आगमन हुआ। इस यात्रा में जापान व उत्तर प्रदेश के बीच सकारात्मक माहौल का सृजन हुआ। जापान से आए अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की सराहना की। ऐसे में जापान व उत्तर प्रदेश के बीच निरंतर संवाद कर निवेश के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए। 

बैठक में मुख्यमंत्री जी को जापान के प्रतिनिधिमंडल की ओर से किए गए सभी एमओयू के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि इस दौरे का मुख्य फोकस निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, तकनीक, कौशल विकास, शिक्षा और पर्यटन में सहयोग बढ़ाने पर रहा।

मुख्यमंत्री जी ने यीडा के अंतर्गत जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने अवगत कराया कि 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री जी ने इस कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापान में सितंबर, अक्टूबर व दिसंबर में होने वाले विभिन्न वैश्विक आयोजन में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को भी भेजा जाए। इसमें मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, उद्योगपतियों के साथ ही संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापानी भाषा के प्रशिक्षण तथा स्किल डेवलपमेंट के कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। यामानाशी प्रांत सहित जापान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को सुदृढ़ किया जाए। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन्वेस्ट यूपी में अलग से यामानाशी जापान डेस्क बनाई जाए। इसके जरिए निरंतर संवाद होता रहे। उन्होंने हर तीसरे महीने इसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी लेने का निर्देश दिया। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापानी पर्यटकों को उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों पर जाने के लिए अच्छी सुविधाएं दी जाएं। एक ऐसा रूट विकसित किया जाए, जिससे वे एक साथ सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु समेत अधिक से अधिक बौद्ध स्थलों का दर्शन कर सकें। 

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि आगामी ट्रेड शो में जापानी विशेषज्ञों के साथ विशेष सत्र आयोजित किए जाएं, जिससे युवाओं को उनके अनुभवों का लाभ प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री जी ने कहाकि यूनेस्को ने सारनाथ की भांति जापान के नारा को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है। दोनों को परस्पर सांस्कृतिक रूप से जोड़ने के लिए कदम उठाए जाएं। 

मुख्यमंत्री जी ने द्विपक्षीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश एवं यामानाशी प्रांत के टूर ऑपरेटरों के मध्य बढ़ावा देने हेतु आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बौद्ध सर्किट में पर्यटन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाए।

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