Edited By Radhika,Updated: 21 Jul, 2026 05:15 PM

दिल्ली सरकार ने राजधानी के लाल डोरा और गांवों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों का सुरक्षित एवं डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार की...
नेशनल डेस्क: दिल्ली सरकार ने राजधानी के लाल डोरा और गांवों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों का सुरक्षित एवं डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में योजना के तहत ड्रोन सर्वे, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और क्यूआर कोड युक्त स्मार्ट पीवीसी प्रापर्टी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल डोरा क्षेत्रों में वर्षों से व्यवस्थित संपत्ति रिकॉर्ड के अभाव में लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब आधुनिक तकनीक के जरिए प्रत्येक संपत्ति की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से फिलहाल 48 गांवों को योजना में शामिल किया गया है। इनमें से 30 गांवों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और उनके अंतिम प्रापर्टी कार्ड तैयार कर लिए गये हैं।
अब इन कार्ड पर डिजिटल हस्ताक्षर जोड़ने और स्मार्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि अब तक 12,232 संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जिनमें से 8,423 संपत्तियां विवाद-मुक्त पायी गयी हैं। दक्षिण और उत्तर-पश्चिम जिले में सर्वे की गयी सभी संपत्तियां विवाद-मुक्त हैं, जबकि अन्य जिलों में भी विवादों के निस्तारण के बाद काडर् जारी किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि नागरिकों को यूआईडीएआई मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले पीवीसी स्माटर् प्रॉपटर्ी काडर् दिये जायेंगे। इन काडरं पर संपत्ति की पहचान संख्या, गांव, उप-मंडल, जिला, कब्जाधारी का नाम, हिस्सेदारी, कुल क्षेत्रफल, निर्मित एवं खुला क्षेत्र, भू-आधार नंबर सहित अन्य आवश्यक विवरण दर्ज होंगे।
प्रत्येक कार्ड पर क्यूआर कोड भी होगा, जिसे स्कैन करने पर संबंधित संपत्ति का डिजिटल फॉर्म-13, विस्तृत नक्शा, सीमाओं का विवरण, सह-कब्जाधारियों की जानकारी, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर और वैध कब्जा प्रमाणपत्र उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना केवल रिकॉडर् तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को अपनी संपत्तियों का प्रमाणिक डिजिटल रिकॉडर् मिलेगा, सरकारी अभिलेख अधिक व्यवस्थित होंगे और भविष्य में संपत्ति संबंधी प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल, तेज और पारदर्शी बनेंगी। सरकार जल्द ही पात्र लाभार्थियों को स्माटर् प्रॉपटर्ी काडर् वितरित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी।