Edited By Parveen Kumar,Updated: 03 Jul, 2026 12:53 AM

जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात ने बृहस्पतिवार को वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने की पूर्व संध्या पर पहलगाम में सुरक्षा और सुविधा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अमरनाथ गुफा 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। इसकी 57 दिनों की वार्षिक यात्रा तीन जुलाई से...
नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात ने बृहस्पतिवार को वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने की पूर्व संध्या पर पहलगाम में सुरक्षा और सुविधा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अमरनाथ गुफा 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। इसकी 57 दिनों की वार्षिक यात्रा तीन जुलाई से शुरू होने वाली है। यह यात्रा अनंतनाग जिले में स्थित पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और अपेक्षाकृत छोटे लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी। यात्रा 28 अगस्त को समाप्त होगी।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, प्रभात ने पहलगाम स्थित नुनवान जांच चौकी का दौरा किया और अमरनाथ यात्रा के सुचारु और सुरक्षित संचालन के लिए सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस महानिदेशक ने जांच चौकी का व्यापक निरीक्षण किया और सुरक्षा उपायों, कर्मियों की तैनाती तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई समग्र व्यवस्थाओं का आकलन किया।
उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक प्रभात ने वहां तैनात अधिकारियों और कर्मियों से बातचीत की और अधिकतम सतर्कता, शिष्ट सार्वजनिक सेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तीर्थयात्रियों की निर्बाध आवाजाही बनाए रखते हुए गहन लेकिन श्रद्धालु-अनुकूल सुरक्षा जांच सुनिश्चित करें। पुलिस प्रमुख ने सुरक्षित, शांतिपूर्ण और परेशानी मुक्त तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के बीच समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
यात्रा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षा बलों के समर्पण तथा प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए, डीजीपी ने उनसे अपनी जिम्मेदारियों को निभाते समय सतर्क और संवेदनशील रहने का आग्रह किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रत्येक तीर्थयात्री पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षित महसूस करे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुबह जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 4,822 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।