प्रधानमंत्री राममंदिर में चढावा में गड़बड़ी से चिंतित हैं: विनय कटियार

Edited By Updated: 04 Jul, 2026 12:18 AM

the prime minister is concerned about irregularities in the offerings at the ram

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेता विनय कटियार ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने राम मंदिर में हुई गड़बड़ी के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है जिन्होंने चढ़ावा चोरी पर चिंता प्रकट की।...

नेशनल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेता विनय कटियार ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने राम मंदिर में हुई गड़बड़ी के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है जिन्होंने चढ़ावा चोरी पर चिंता प्रकट की। उन्होंने यह भी कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर के अधिकारी गोपाल राव 'हो सकता है कि अभी जेल जाने से बच गए हों, लेकिन बाद में उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।''

फैज़ाबाद (अयोध्या) से तीन बार सांसद रहे कटियार ने कहा कि वह टेलीफोन के ज़रिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संपर्क में हैं। लेकिन उन्होंने इस बातचीत के बारे में विस्तार से नहीं बताया। कटियार के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अयोध्या मामले को लेकर काफी चिंतित दिखे। कटियार ने कहा, '' उन्होंने पूछा कि इस मामले में आगे क्या होगा, जिस पर मैंने कहा कि सब ठीक हो जाएगा।''

श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कामकाज में वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कटियार ने कहा कि अगर दोषी पाए गए तो भविष्य में राय, मिश्रा और राव को जेल हो सकती है। उन्होंने कहा,''हो सकता है कि आने वाले दिनों में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को जेल जाना पड़े।'' उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाए, उसे जेल भेजा जाना चाहिए। इससे पहले 'पीटीआई-वीडियो' से बात करते हुए कटियार ने कहा कि चल रही जांच के बावजूद राम मंदिर की पवित्रता बनाए रखी जानी चाहिए।

कटियार ने जनवरी में कहा था कि अयोध्या उनकी कर्मभूमि है और वह 2027 का चुनाव यहीं से लड़ेंगे। कथित गबन को 'देश की धार्मिक संस्कृति और करोड़ों भक्तों की आस्था पर हमला' बताते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर के दान से जुड़ी चोरी की घटनाओं ने भगवान राम की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है और देश भर में गलत संदेश भेजा है। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट का प्रबंधन ईमानदार और सक्षम लोगों को सौंपा जाना चाहिए। मंदिर आंदोलन के बाद भाजपा में उन्हें दरकिनार किए जाने के सवाल पर कटियार ने इस बात से इनकार किया और कहा कि असल बात बस इतनी है कि अब वह अक्सर अयोध्या नहीं जाते।

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