Edited By Tanuja,Updated: 22 Jun, 2026 04:01 PM

भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस कूटर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध भारत-कनाडा संबंधों को नई दिशा दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और भू-राजनीतिक सहयोग में...
International Desk: भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस कूटर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मजबूत व्यक्तिगत तालमेल दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जा रहा है। बातचीत में कूटर ने कहा कि पिछले दो वर्षों में आई कूटनीतिक चुनौतियों के बावजूद अब भारत और कनाडा के संबंध फिर से सकारात्मक दिशा में बढ़ रहे हैं। कूटर ने बताया कि मोदी और कार्नी अब तक चार बार मुलाकात कर चुके हैं। हाल ही में दोनों नेताओं ने फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 Summit के दौरान भी बातचीत की थी।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, "दोनों प्रधानमंत्री कई बार मिल चुके हैं, फोन पर भी बातचीत करते हैं और शायद व्हाट्सएप पर भी संपर्क में रहते होंगे।" कूटर के अनुसार दोनों नेताओं में एक समानता है वे परिणाम चाहते हैं और तेजी से निर्णय लेने में विश्वास रखते हैं। कनाडाई उच्चायुक्त ने कहा कि कनाडा अपनी वैश्विक साझेदारियों को विविध बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है और भारत इस रणनीति का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें शामिल होंगे
- निवेश
- ऊर्जा सुरक्षा
- खाद्य सुरक्षा
- तकनीकी सहयोग
- भू-राजनीतिक साझेदारी
- सुरक्षा सहयोग में भी आया सुधार
भारत और कनाडा के बीच पिछले वर्षों में सुरक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर तनाव देखने को मिला था। हालांकि कूटर का कहना है कि अब दोनों देशों ने ऐसे मुद्दों पर काम करने के लिए एक स्पष्ट और व्यवस्थित प्रक्रिया विकसित कर ली है। उन्होंने कहा, "दोनों देशों की एजेंसियां अब एक-दूसरे के कामकाज को बेहतर समझती हैं और इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि किसी भी पक्ष को अप्रत्याशित स्थिति का सामना न करना पड़े।" कूटर ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्नी ने हाल ही में World Economic Forum के दौरान दिए अपने भाषण में ऐसे देशों के बीच सहयोग की बात की थी जो वैश्विक महाशक्तियां नहीं हैं लेकिन अपनी संप्रभुता और हितों की रक्षा करना चाहते हैं। उनके अनुसार भारत और कनाडा इसी सोच के तहत लचीली और व्यावहारिक साझेदारी विकसित कर रहे हैं।
हाल ही में फ्रांस में आयोजित G7 Summit के इतर मोदी और कार्नी ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने, व्यापारिक अवसरों को मजबूत करने, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाने, खाद्य सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह सकारात्मक माहौल जारी रहता है तो भारत और कनाडा के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग पहले से कहीं अधिक मजबूत हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों के तनाव के बाद दोनों देशों के संबंधों में यह सुधार एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बदलाव माना जा रहा है।