Edited By Tanuja,Updated: 14 Jun, 2026 04:10 PM

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 'भारत इनोवेट्स 2026' सम्मेलन का संयुक्त उद्घाटन किया। यह आयोजन भारत-फ्रांस तकनीकी साझेदारी को नई ऊंचाई देने, भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने...
International Desk: भारत और फ्रांस के संबंधों को नई दिशा देने वाले एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने रविवार को नीस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ सम्मेलन का संयुक्त उद्घाटन किया। कार्यक्रम से पहले दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया। मोदी और मैक्रों ने गले मिलकर और हाथ मिलाकर अपनी मजबूत दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी का संदेश दिया। ‘भारत इनोवेट्स 2026’ को भारत और फ्रांस के बीच तकनीक, नवाचार और निवेश सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 14 से 16 जून तक चलेगा और इसमें भारत, फ्रांस तथा अन्य देशों के स्टार्टअप, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शिक्षण संस्थान हिस्सा ले रहे हैं।
सम्मेलन में 120 से अधिक भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स और 15 से ज्यादा प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान शामिल हुए हैं। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) समेत कई प्रमुख अनुसंधान संस्थाएं भी मौजूद हैं। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय नवाचारों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना, अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करना और नई तकनीकी साझेदारियों को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में भविष्य की तकनीकों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष तकनीक, रक्षा नवाचार, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाएं और जलवायु समाधान जैसे क्षेत्रों की अत्याधुनिक परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन केवल स्टार्टअप कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच तेजी से मजबूत हो रही तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है।
दोनों देशों ने हाल के वर्षों में रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लगातार विस्तार दिया है।नीस में आयोजित यह कार्यक्रम इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसी दौरान मोदी और मैक्रों के बीच उस नई "स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप" के बाद पहली द्विपक्षीय शिखर बैठक भी हो रही है, जिसकी घोषणा इसी वर्ष की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक आने वाले वर्षों में भारत-फ्रांस संबंधों को नई गति देने और वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में दोनों देशों की भूमिका को मजबूत करने में अहम साबित हो सकती है। ‘भारत इनोवेट्स 2026’ को भारत के लिए एक ऐसे अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जहां वह अपनी तकनीकी क्षमता, शोध कौशल और स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक निवेशकों और नीति निर्माताओं के सामने प्रदर्शित कर सकता है।