Edited By Ramanjot,Updated: 13 Mar, 2026 01:02 PM

इस बीमारी और ऑस्टियोपोरोसिस के कारण उनकी लंबाई 5.4 फुट से घटकर 4.6 फुट रह गई थी और उन्हें व्हीलचेयर पर आना पड़ा था।
नेशनल डेस्क: चिकित्सा जगत में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो विज्ञान को चुनौती देती हैं और मानवीय जिजीविषा को सलाम करने पर मजबूर कर देती हैं। इंग्लैंड के विल्टशायर की रहने वाली 63 वर्षीय कैरोलिन किंग की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक मामूली सी आंखों की जलन से शुरू हुआ सफर उन्हें एक ऐसी दुर्लभ बीमारी की दहलीज पर ले गया, जिसने न केवल उनके लिवर को नाकाम कर दिया, बल्कि उनकी शारीरिक लंबाई (कद) को भी करीब 10 इंच तक घटा दिया। 'रेयर डिजीज डे' के मौके पर कैरोलिन ने अपनी आपबीती साझा कर दुनिया को उम्मीद और समय पर इलाज का संदेश दिया है।
आंखों की जलन: एक बड़े खतरे का पहला संकेत
कैरोलिन की परेशानी साल 2018 में एक साधारण शाम को शुरू हुई। टीवी देखते समय उन्हें अचानक धुंधलापन और आंखों में खरोंच जैसा महसूस हुआ। जिसे उन्होंने सामान्य थकान समझा, वह दरअसल ग्रेनुलोमैटस हेपेटाइटिस (Granulomatous Hepatitis) जैसी दुर्लभ लिवर बीमारी का शुरुआती अलार्म था। 2019 तक आते-आते उनकी त्वचा और आंखें पीली पड़ने लगीं, जिसके बाद बायोप्सी में इस गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई।
जब 5.4 फुट से घटकर 4.6 फुट रह गया कद
बीमारी का असर इतना भयावह था कि कैरोलिन का शरीर पूरी तरह टूट गया। लिवर फेलियर के कारण उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा। इलाज और दवाओं के लंबे दौर के बीच उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर 'ऑस्टियोपोरोसिस' विकसित हो गया। हड्डियां इतनी कमजोर और भंगुर हो गईं कि उनका कद 5 फुट 4 इंच से घटकर महज 4 फुट 6 इंच रह गया। मानसिक उलझन और अत्यधिक थकान ने उन्हें सामान्य जीवन से दूर कर दिया।
लिवर ट्रांसप्लांट और वापसी की राह
कैरोलिन को छह महीने के लंबे इंतजार के बाद लिवर ट्रांसप्लांट मिला। यह उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। ट्रांसप्लांट और गहन चिकित्सा के बाद न केवल उनका लिवर सामान्य रूप से काम करने लगा, बल्कि उनकी आंखों की रोशनी में भी सुधार हुआ। चमत्कारिक रूप से, इलाज के बाद उनकी लंबाई भी दोबारा बढ़कर 5 फुट तक पहंच गई।