सावधान! खेलने की उम्र में बच्चों को लग रही दिल की बीमारी, AIIMS की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Edited By Updated: 19 Apr, 2026 12:11 PM

children at playing age are getting heart disease aiims report reveals big news

जंक फूड का शौक, स्क्रीन से चिपकी निगाहें और खेल के मैदान से बढ़ती दूरी हमारे किशोरों के दिल को समय से पहले बीमार बना रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के एक ताजा रिपोर्ट ने देश को चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 40...

AIIMS Adolescent Health Study : जंक फूड का शौक, स्क्रीन से चिपकी निगाहें और खेल के मैदान से बढ़ती दूरी हमारे किशोरों के दिल को समय से पहले बीमार बना रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के एक ताजा रिपोर्ट ने देश को चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 40 प्रतिशत किशोर और युवा 'डिसलिपिडेमिया' (Dyslipidemia) नामक बीमारी की चपेट में आ गए हैं जोकि भविष्य में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकता है।

जानें क्या कहती है रिपोर्ट?

39.9% किशोरों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से बिगड़ा हुआ पाया गया।करीब 28% बच्चों में एचडीएल-सी (HDL-C), जिसे 'अच्छा कोलेस्ट्रॉल' कहा जाता है उसकी भारी कमी देखी गई। वहीं दूसरी तरफ बच्चों के शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है जो धमनियों को ब्लॉक कर सकता है।

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युवक और युवतियों पर प्रभाव 

अध्ययन में पाया गया कि इस समस्या से लड़कियां कम, जबकि लड़के अधिक पीड़ित हैं। 42% लड़कों में असामान्य कोलेस्ट्रॉल पाया गया जबकि लड़कियों में यह आंकड़ा 38% रहा। हालांकि लड़कियों में 'ट्राइग्लिसराइड्स' (एक प्रकार का फैट) का स्तर लड़कों के मुकाबले ज्यादा बढ़ा हुआ मिला।

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क्यों समय से पहले बीमार हो रहा बचपन?

एम्स के कार्डियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. एस. रामाकृष्णन के अनुसार इस बीमारी के पीछे तीन सबसे बड़े विलेन हैं।बच्चों का फल और हरी सब्जियों से पूरी तरह नाता टूट चुका है। उनकी पहली पसंद पिज्जा, बर्गर, चिप्स और तली हुई चीजें बन गई हैं। खेलकूद और व्यायाम की जगह मोबाइल और टीवी के 'स्क्रीन टाइम' ने ले ली है। बाजार में मिलने वाले प्रोसेस्ड फूड और कोल्ड ड्रिंक्स शरीर में खराब फैट जमा कर रहे हैं।

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वहीं डॉक्टरों ने इस स्थिति को सुधारने के लिए कुछ जरूरी बदलाव सुझाए हैं। बच्चों के भोजन में रोजाना कम से कम एक फल और हरी सब्जियां जरूर शामिल करें। पिज्जा, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और अधिक मीठी चीजों को बहुत सीमित करें। सुनिश्चित करें कि बच्चा हर दिन कम से कम एक घंटा शारीरिक खेल या व्यायाम करे। पर्याप्त नींद लें और मोबाइल का उपयोग कम करें।

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