Edited By Radhika,Updated: 20 Apr, 2026 02:39 PM

माउथवॉश को लेकर हाल ही में एक बड़ा खुलासा हुआ है। 'नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन' में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, माउथवॉश का ज्यादा यूज हाई बीपी का कारण बन सकता है। हमारे मुंह में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के निर्माण में सहायक...
नेशनल डेस्क: माउथवॉश को लेकर हाल ही में एक बड़ा खुलासा हुआ है। 'नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन' में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, माउथवॉश का ज्यादा यूज हाई बीपी का कारण बन सकता है। हमारे मुंह में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के निर्माण में सहायक होते हैं। यह ऑक्साइड रक्त वाहिकाओं (नसों) को रिलैक्स रखने में मदद करता है, जिससे ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।स्ट्रॉन्ग एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश का यूज इन अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर देते हैं, जिससे हमारे शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड कम बनता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है।
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क्या सभी माउथवॉश देते हैं नुक्सान?
विशेषज्ञों का मानना है कि हर माउथवॉश खतरा नहीं है। जोखिम केवल उनसे है जो ज्यादा तेज एंटीबैक्टीरियल केमिकल्स से बने हों। या फिर इनका दिन में ज्यादा इस्तेमाल किया जाए। हफ्ते में 1 या 2 बार माउथवॉश के उपयोग से कोई खतरा नहीं है। लेकिन 'फैशन' या आदत के तौर पर बार-बार कुल्ला करना सेहत बिगाड़ सकता है।
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ओरल हेल्थ के लिए सुरक्षित तरीके
दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए माउथवॉश पर निर्भर न रहकर इन नियमों का पालन भी लाभकारी हो सकता है-
- दिन में दो बार ब्रश करें और दांतों के बीच फसे कचरे के लिए फ्लॉसिंग का सहारा लें।
- माउथवॉश तभी इस्तेमाल करें जब डेंटिस्ट ने सुझाव दिया हो।
- साल में कम से कम एक बार डेंटल चेकअप जरूर कराएं।
- जीभ की सफाई (Tongue Cleaning) और पर्याप्त पानी पीना भी मुंह की सेहत के लिए अच्छा है।