Edited By Mansi,Updated: 21 Apr, 2026 04:50 PM

फोर्टिस अस्पताल मोहाली के डॉक्टरों ने दिमाग कीनसों से जुड़ी एक जटिल बीमारी आर्टेरियोवेनस मालफॉर्मेशन (एवीएम) सेपीड़ित दो मरीजों का सफल इलाज कर एक बड़ी सफलता हासिल की है।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। फोर्टिस अस्पताल मोहाली के डॉक्टरों ने दिमाग कीनसों से जुड़ी एक जटिल बीमारी आर्टेरियोवेनस मालफॉर्मेशन (एवीएम) सेपीड़ित दो मरीजों का सफल इलाज कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस इलाज में डॉक्टरों ने बिना बड़ी सर्जरी के एक आधुनिक तकनीक काइस्तेमाल किया, जिसे एम्बोलाइजेशन कहा जाता है। यह एक ऐसी प्रक्रियाहै जिसमें शरीर के अंदर पतली ट्यूब (कैथेटर) डालकर खराब नसों में खूनका बहाव रोका जाता है, जिससे ट्यूमर, नसों की कमजोरी और खून बहनेजैसी समस्याओं का इलाज किया जाता है।
एवीएम एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिमाग की कुछ नसें आपस में गलततरीके से जुड़ जाती हैं। इससे खून का दबाव बढ़ जाता है और मरीज को दौरेपड़ना, तेज सिरदर्द या दिमाग में खून बहने जैसी गंभीर परेशानी हो सकती है।समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
एक मामले में 24 साल के एक मरीज को दिमाग में खून बहने के लक्षणों केसाथ फोर्टिस मोहाली लाया गया। जांच में पता चला कि उसे जटिल एवीएमहै, जिसमें दोबारा खून बहने का खतरा ज्यादा था। डॉ. विवेक अग्रवाल औरउनकी टीम ने बिना ऑपरेशन किए, एक पतली ट्यूब के जरिए दिमाग कीप्रभावित नसों तक पहुंचकर खास दवा डालकर उन गलत जुड़ी नसों को बंदकर दिया।
इसी तरह, 30 साल के एक अन्य मरीज में भी ऐसी ही समस्या पाई गई, जिसके लिए तुरंत और सही इलाज जरूरी था। डॉक्टरों ने इस मरीज का भीसफल इलाज किया। दोनों ही मामलों में इलाज के बाद अच्छे परिणामसामने आए हैं और मरीजों की हालत में लगातार सुधार हो रहा है।
डॉ. विवेक अग्रवाल ने बताया कि दिमाग की नसों की यह बीमारी अचानकखून बहने का कारण बन सकती है और काफी खतरनाक होती है। लेकिनआज की आधुनिक तकनीकों की मदद से बिना बड़ी सर्जरी के इसकासुरक्षित इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और इलाज सेमरीज की जान बचाई जा सकती है और कई मामलों में बड़े ऑपरेशन से भीबचा जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि यह सफलता फोर्टिस मोहाली में उपलब्ध आधुनिकइलाज सुविधाओं को दर्शाती है। यहां स्ट्रोक, नसों की कमजोरी (एन्यूरिज्म) और एवीएम जैसी बीमारियों का इलाज नई तकनीकों के जरिए किया जारहा है, जिससे मरीज जल्दी ठीक होते हैं और उन्हें कम परेशानी होती है।