Edited By Radhika,Updated: 17 Feb, 2026 04:20 PM

TRAI ने स्पैम कॉल्स और मैसेज से परेशान मोबाइल यूजर्स के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। TRAI अब स्पैम नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए AI टूल्स का दायरा बढ़ाने जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत, यदि किसी नंबर का व्यवहार संदिग्ध पाया जाता है, तो उसे बिना किसी यूजर...
नई दिल्ली: TRAI ने स्पैम कॉल्स और मैसेज से परेशान मोबाइल यूजर्स के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। TRAI अब स्पैम नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए AI टूल्स का दायरा बढ़ाने जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत, यदि किसी नंबर का व्यवहार संदिग्ध पाया जाता है, तो उसे बिना किसी यूजर की शिकायत के भी डिस्कनेक्ट किया जा सकता है।
क्या है नया '10 दिन' वाला नियम?
वर्तमान में किसी नंबर पर कार्रवाई तब होती है जब 10 दिनों के भीतर उसके खिलाफ कम से कम 5 अलग-अलग शिकायतें दर्ज हों। TRAI के नए प्रस्ताव के अनुसार, अगर टेलीकॉम कंपनियों का AI सिस्टम किसी नंबर को लगातार 10 दिनों तक 'स्पैम' के रूप में फ्लैग (Flag) करता है, तो उस नंबर की सर्विस तुरंत बंद की जा सकती है।

जियो, एयरटेल और वीआई ने क्यों जताई चिंता?
रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। कंपनियों का कहना है कि AI हमेशा 100% सटीक नहीं होता। कई बार डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर या सेल्स एजेंट जैसे असली यूजर्स का नंबर भी ब्लॉक हो सकता है। अगर किसी का नंबर गलती से बंद हो गया, तो उसे दोबारा शुरू कराने के लिए री-केवाईसी (KYC) और लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
TRAI का रुख
TRAI के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने स्पष्ट किया है कि यह कदम अभी केवल प्रस्ताव है। रेगुलेटर फिलहाल स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा कर रहा है ताकि एक ऐसा 'बैलेंस' बनाया जा सके जिससे स्पैम भी रुके और आम जनता को असुविधा भी न हो।