उदयपुर टेम्पो हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 3, मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर ग्रामीणों का महापड़ाव

Edited By Updated: 14 Mar, 2026 03:34 PM

udaipur death toll in gogunda tempo accident rises to 3

उदयपुर जिले के गोगुन्दा थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम को हुआ भीषण टेम्पो हादसा अब एक बड़े जनांदोलन में बदल गया है। इस हादसे में घायल एक और व्यक्ति की मौत के साथ ही कुल मृतकों की संख्या तीन हो गई है। न्याय की मांग को लेकर शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों...

Udaipur Gogunda Tempo Accident : उदयपुर जिले के गोगुन्दा थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम को हुआ भीषण टेम्पो हादसा अब एक बड़े जनांदोलन में बदल गया है। इस हादसे में घायल एक और व्यक्ति की मौत के साथ ही कुल मृतकों की संख्या तीन हो गई है। न्याय की मांग को लेकर शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने उपखण्ड कार्यालय का घेराव किया।

उपचार के दौरान तीसरे घायल ने तोड़ा दम

पुलिस सूत्रों के अनुसार सुआवतों का गुडा निवासी मोहब्बत सिंह गंभीर रूप से घायल थे। उन्हें उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था लेकिन शनिवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे पहले शुक्रवार को मौके पर ही भोपाल सिंह और राम सिंह राजपूत की मौत हो गई थी।

कैसे हुआ हादसा?

यह घटना सायरा तहसील के सुआवतों का गुडा गांव से जुड़ी है। गांव का बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो गया था जिसे बदलने के लिए पांच ग्रामीण एक टेम्पो में उसे लादकर गोगुन्दा स्थित बिजली विभाग (एवीएनएल) के कार्यालय ले जा रहे थे। रास्ते में राव मादडा के पास टेम्पो अनियंत्रित होकर एक गहरे गड्ढे में गिर गया जिससे यह चीख-पुकार मच गई।

प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन

शनिवार को हादसे की खबर फैलते ही सुआवतों का गुडा और आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए और गोगुन्दा उपखण्ड कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्न हैं:

  1. मुआवजा: मृतकों के परिजनों को 50 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता।

  2. रोजगार: परिवार के एक सदस्य को सरकारी संविदा नौकरी दी जाए।

  3. कार्रवाई: अजमेर विद्युत वितरण निगम (AVVNL) के दोषी अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए।

बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर खराब होने पर उसे लाने-ले जाने की जिम्मेदारी विभाग की थी लेकिन ग्रामीणों को खुद का वाहन इस्तेमाल करना पड़ा। विभाग की इसी उदासीनता ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए। प्रशासन फिलहाल प्रदर्शनकारियों को समझाने और मांगों पर विचार करने का आश्वासन दे रहा है।

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