Edited By Anu Malhotra,Updated: 16 Apr, 2026 08:14 AM

PIB Fact Check: यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक फर्जी विज्ञापन वायरल हो रहा है, जिसमें PM loan Yojna के तहत 3 लाख रुपये के Loan का दावा किया गया है। मैसेज में कहा गया है कि उपयोगकर्ता अपने Aadhaar Card का उपयोग करके तुरंत Loan ले सकते हैं।...
PIB Fact Check: यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक फर्जी विज्ञापन वायरल हो रहा है, जिसमें PM loan Yojna के तहत 3 लाख रुपये के Loan का दावा किया गया है। मैसेज में कहा गया है कि उपयोगकर्ता अपने Aadhaar Card का उपयोग करके तुरंत Loan ले सकते हैं। सरकार ने अपनी Official fact-checking unit के जरिए से साफ कर दिया है कि ऐसी कोई योजना मौजूद नहीं है और उपयोगकर्ताओं को इन दावों से सावधान रहने की चेतावनी दी है।
क्या दावा कर रहा यह घोटाला
विज्ञापन में न्यूनतम दस्तावेज़ों के साथ 3,00,000 रुपये के लोन का प्रचार किया गया है, जिसमें आधार कार्ड को प्राथमिक आवश्यकता के रूप में दिखाया गया है। इसमें आमतौर पर 'अभी आवेदन करें' जैसे वाक्य लिखे हैं और विश्वसनीय दिखने के लिए आधिकारिक दिखने वाले ग्राफिक्स का उपयोग किया जाता है। कुछ मामलों में, उपयोगकर्ताओं को बाहरी वेबसाइटों या ऐप्स पर ले जाने के लिए लिंक या क्यूआर कोड दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि भारत सरकार ऐसी किसी भी Loan Yojna से जुड़ी नहीं है। विज्ञापन में उल्लिखित योजना आधिकारिक रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है।
users को कैसे निशाना बनाया जा रहा है?
ये घोटाले प्रायोजित विज्ञापनों के माध्यम से फैलाए जा रहे हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं के बीच इनकी दृश्यता बढ़ रही है। जालसाज लोगों को लुभाने के लिए तात्कालिकता और सरलता का सहारा लेते हैं, खासकर उन लोगों को जो तुरंत वित्तीय सहायता चाहते हैं। लिंक पर क्लिक करने के बाद, उपयोगकर्ताओं से आधार नंबर, फोन नंबर या बैंक जानकारी जैसी व्यक्तिगत जानकारी देने के लिए कहा जा सकता है। इस डेटा का दुरुपयोग वित्तीय धोखाधड़ी या पहचान की चोरी के लिए किया जा सकता है।
कैसे रहें सुरक्षित?
उपयोगकर्ताओं को ऐसे संदिग्ध विज्ञापनों पर क्लिक करने से बचना चाहिए जो कम सत्यापन के साथ तुरंत लोन देने का वादा करते हैं। हमेशा myscheme.gov.in जैसे आधिकारिक सरकारी पोर्टलों के माध्यम से योजनाओं का वैरिफाई करें। अज्ञात वेबसाइटों या Apps पर अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें। वास्तविक सरकारी योजनाएं असुरक्षित चैनलों के माध्यम से संवेदनशील जानकारी नहीं मांगती हैं। अनौपचारिक URL और तुरंत कार्रवाई करने के दबाव जैसे चेतावनी संकेतों पर ध्यान दें।
अगर आपको इस तरह की पोस्ट दिखे तो क्या करें?
अगर आपको ऐसे विज्ञापन दिखें, तो उन्हें PIB Fact Check जैसे आधिकारिक चैनलों पर रिपोर्ट करें। आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी ऐसी सामग्री को चिह्नित कर सकते हैं।