Edited By Pardeep,Updated: 21 Jul, 2026 09:04 PM

नीट (NEET) मामले को लेकर छिड़े सियासी संग्राम के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी अपनी ही मांगों से मुकर रहे हैं और सरकार द्वारा उनकी बात मान लिए जाने...
नई दिल्ली: नीट (NEET) मामले को लेकर छिड़े सियासी संग्राम के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी अपनी ही मांगों से मुकर रहे हैं और सरकार द्वारा उनकी बात मान लिए जाने के बाद भी नया अड़ंगा लगा रहे हैं।
अकबर रोड पर धरने से बढ़ी आम जनता की परेशानी
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता अचानक अकबर रोड के समीप धरने पर बैठ गए थे। इस विरोध प्रदर्शन के कारण आम जनता को हो रही भारी असुविधा को देखते हुए सरकार ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन को प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए भेजा था।
चर्चा का आश्वासन मिला, तो मांग ली शिक्षा मंत्री की कुर्सी
जितेंद्र सिंह के अनुसार, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने यह शर्त रखी थी कि यदि सरकार संसद में नीट (NEET) और उससे जुड़े आंदोलनों पर चर्चा करने के लिए तैयार हो जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देंगे। सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति मिलने के बाद राहुल गांधी को यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया कि सरकार संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
हालांकि जैसे ही चर्चा की मांग स्वीकार की गई, राहुल गांधी अपनी बात से पलट गए। उन्होंने नई शर्त रखते हुए कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं—संसद में चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
'यह मेरी मर्जी है'—राहुल का कथित जवाब
जितेंद्र सिंह ने बताया कि जब उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाया कि पहले उन्होंने केवल चर्चा की मांग की थी, तो राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि अब उनकी मांगें बदल गई हैं। मंत्री ने जब उन्हें समझाने का प्रयास किया कि इतने वरिष्ठ नेता को अपनी बात से इस तरह मुकरना शोभा नहीं देता, तो राहुल गांधी का जवाब था कि 'यह उनकी मर्जी है'। सरकार का कहना है कि विपक्ष का यह रवैया दर्शाता है कि वे समाधान के बजाय केवल विरोध की राजनीति करना चाहते हैं।