Edited By Ramanjot,Updated: 29 Jan, 2026 12:00 AM

वाराणसी में पुलिस महकमे की छवि को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एंटी करप्शन टीम ने पुलिस की वर्दी में छिपे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करते हुए काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी प्रभारी
नेशनल डेस्क: वाराणसी में पुलिस महकमे की छवि को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एंटी करप्शन टीम ने पुलिस की वर्दी में छिपे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करते हुए काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी प्रभारी और एक सिपाही को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दहेज उत्पीड़न के एक मामले में केस खत्म कराने के नाम पर घूस मांगने की शिकायत के बाद की गई।
दहेज केस में “सेटिंग” के नाम पर मांगी गई रिश्वत
जानकारी के मुताबिक, चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र निवासी प्रह्लाद गुप्ता के खिलाफ उनकी पत्नी ममता गुप्ता ने अगस्त 2025 में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा ने प्रह्लाद से केस निपटाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।शिकायतकर्ता का आरोप है कि पैसे न देने पर धाराएं बढ़ाने और जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी।
एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल
परेशान होकर प्रह्लाद गुप्ता ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की। शिकायत की जांच के बाद टीम ने जाल बिछाया। बुधवार शाम निरीक्षक सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में टीम चौकी पहुंची। तय योजना के तहत प्रह्लाद ने 20 हजार रुपये दिए। आरोप है कि चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा ने सिपाही गौरव द्विवेदी को पैसे लेने के लिए कहा। जैसे ही सिपाही ने रिश्वत की रकम अपनी जैकेट की जेब में रखी, टीम ने दोनों को मौके पर दबोच लिया।
पत्नी का पलटवार, फंसाने का लगाया आरोप
गिरफ्तारी के बाद चौकी प्रभारी की पत्नी शिवानी मिश्रा ने पूरे मामले को साजिश बताया है। उनका दावा है कि उनके पति को जानबूझकर फंसाया गया। शिवानी का कहना है कि एंटी करप्शन टीम का एक व्यक्ति दबाव बना रहा था कि केस रफा-दफा किया जाए, लेकिन पति के इनकार करने पर झूठे मामले में फंसा दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वाराणसी डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह मामला उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।