Edited By Rohini Oberoi,Updated: 10 May, 2026 03:25 PM

धर्म नगरी काशी के लोहता थाना क्षेत्र से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है जिसने फिल्मी ड्रामे को भी पीछे छोड़ दिया। यहां एक शादी समारोह उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गया जब दुल्हन ने ऐन मौके पर दूल्हे को वरमाला पहनाने से मना कर दिया और भीड़ में मौजूद...
Varanasi Wedding Drama : धर्म नगरी काशी के लोहता थाना क्षेत्र से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है जिसने फिल्मी ड्रामे को भी पीछे छोड़ दिया। यहां एक शादी समारोह उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गया जब दुल्हन ने ऐन मौके पर दूल्हे को वरमाला पहनाने से मना कर दिया और भीड़ में मौजूद अपने प्रेमी का हाथ थाम लिया। काफी हंगामे और पुलिसिया दखल के बाद आखिरकार दुल्हन की शादी उसके प्रेमी से ही करा दी गई।
वरमाला रुकते ही मच गया हड़कंप
मामला छितौनी गांव का है। पारस राजभर की बेटी किरण की शादी तय हुई थी और बारात दरवाजे पर आ चुकी थी। द्वार पूजा की रस्में हंसी-खुशी संपन्न हुईं और स्टेज पर जयमाल का कार्यक्रम शुरू हुआ। जैसे ही दुल्हन के हाथ में वरमाला आई सबकी निगाहें कैमरे की तरफ थीं लेकिन किरण ने सामने खड़े दूल्हे के बजाय भीड़ में खड़े एक युवक (पवन) की ओर इशारा किया और स्टेज से नीचे उतर गई।

प्रेमी की पिटाई
दुल्हन के इस कदम से समारोह में अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही लोगों को पता चला कि वह युवक दुल्हन का प्रेमी है गुस्से में आए रिश्तेदारों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। यह देख दुल्हन किरण खुद को रोक नहीं पाई और प्रेमी पवन के सामने ढाल बनकर खड़ी हो गई। उसने चीखते हुए कहा, "इसे मत मारो, मैं सिर्फ इसी से शादी करूंगी।" यह सुनते ही दूल्हा और उसके परिजन सन्न रह गए। अपमानित महसूस कर रहे दूल्हे ने शादी से इनकार कर दिया और बारात वापस लेकर लौट गया।
यह भी पढ़ें: सुनसान बिल्डिंग पर Boyfriend के साथ अकेली थी युवती, फिर ऊपर चढ़ आए तीन युवक और जबरन निर्वस्त्र...

थाने पहुंचा मामला और फिर 'हैप्पी एंडिंग'
हंगामा बढ़ने पर मामला लोहता थाने पहुंचा। घंटों तक पुलिस, पंचायत और दोनों परिवारों के बीच बातचीत का दौर चला। दुल्हन किरण अपनी जिद पर अड़ी रही कि वह पवन के अलावा किसी और के साथ नहीं जाएगी। आखिरकार सामाजिक बदनामी से बचने और बेटी की जिद के आगे झुकते हुए दोनों परिवारों ने सहमति दे दी।
यह भी पढ़ें: Rajasthan Collision Fire: नेशनल हाईवे पर डंपर और ट्रेलर की जबरदस्त भिड़ंत के बाद दोनों वाहन बने आग का गोला

मंदिर में रचाई शादी
थाने में घंटों चली माथापच्ची के बाद दोनों पक्षों ने सुलह की और किरण व पवन की शादी कराने का फैसला लिया। इसके बाद परिजनों की मौजूदगी में मंदिर में दोनों ने सात फेरे लिए। जिस मंडप में किरण की डोली किसी और के साथ उठनी थी वहां से वह अपनी मोहब्बत (पवन) के साथ विदा हुई।