Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Jul, 2026 01:02 PM

अनुभवी तेलुगु अभिनेत्री पावला स्यामला का मंगलवार तड़के 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हैदराबाद के उस्मानिया जनरल अस्पताल में भर्ती थीं, जहां उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया।
नेशनल डेस्क: अनुभवी तेलुगु अभिनेत्री पावला स्यामला का मंगलवार तड़के 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हैदराबाद के उस्मानिया जनरल अस्पताल में भर्ती थीं, जहां उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया।
थिएटर से फिल्मों तक का सफर
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के अमरावती में नेथी स्यामला के रूप में जन्मीं पावला स्यामला ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत रंगमंच से की। बाद में उन्होंने फिल्म 'बाबई अब्बाई' से तेलुगु सिनेमा में कदम रखा और जल्द ही एक भरोसेमंद सहायक अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान बना ली। अपने लंबे करियर में उन्होंने कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें 'चैलेंज', 'श्रीवारिकी प्रेमलेखा', 'मोगुडु पेल्लु', 'इडा प्रपंचम', 'स्वर्णकमलम', 'बाबू बंगाराम', 'गुंटूर टॉकीज', 'शौर्या', 'नेनु लोकल' और 'माथु वडालारा' जैसी फिल्में शामिल हैं।
निजी जीवन और संघर्ष
पावला स्यामला का निजी जीवन भी चुनौतियों से भरा रहा। उन्होंने बचपन में अपनी मां को खो दिया और बेटी के जन्म के कुछ समय बाद ही उनके पति का भी निधन हो गया। इसके बावजूद उन्होंने अभिनय जारी रखा और परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं। बीते कुछ वर्षों में वह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। इस साल की शुरुआत में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि इलाज का खर्च वहन न कर पाने के कारण एक निजी अस्पताल ने उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया था। बाद में स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें आरके फाउंडेशन पहुंचाया गया, जहां उनके इलाज की व्यवस्था की गई।
फिल्म इंडस्ट्री ने बढ़ाया मदद का हाथ
उनकी आर्थिक स्थिति की जानकारी सामने आने के बाद तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकार और निर्माताओं ने उनकी सहायता की। फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन और निर्माता दिल राजू ने उनके इलाज का जिम्मा उठाया। बाद में जारी एक वीडियो में पावला स्यामला और उनकी बेटी ने दिल राजू और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। इसके अलावा पवन कल्याण, साई दुर्गा तेज, चिरंजीवी और अल्लू अर्जुन ने भी अलग-अलग समय पर आर्थिक सहायता प्रदान की।
वहीं, वर्ष 2021 में फिल्म निर्माता राज निदिमोरू और कृष्णा डीके (राज एंड डीके) ने उनके लिए फंडरेजिंग अभियान शुरू किया था। उस समय बताया गया था कि उनकी बेटी टीबी से पीड़ित होकर बिस्तर पर थीं और परिवार का खर्च चलाने के लिए पावला स्यामला को अपने पुरस्कार और ट्रॉफियां तक बेचनी पड़ी थीं। पावला स्यामला के निधन से तेलुगु फिल्म जगत ने एक अनुभवी और प्रतिभाशाली कलाकार को खो दिया है। उनके अभिनय और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।