Edited By Radhika,Updated: 27 Mar, 2026 03:26 PM

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में की गई भारी कटौती पर अब राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस फैसले के समय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह कदम जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि आगामी...
नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में की गई भारी कटौती पर अब राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस फैसले के समय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह कदम जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उठाया गया है।
जयराम रमेश का तीखा हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा करते हुए जयराम रमेश ने कहा, "पिछले 12 वर्षों में जब भी वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए दाम कम नहीं किए। आज की यह घोषणा सिर्फ विधानसभा चुनावों के कारण है। असली हकीकत जानने के लिए 30 अप्रैल तक का इंतज़ार करें।"
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टैक्स में क्या हुआ है बदलाव?
सरकार ने एक आधिकारिक अधिसूचना के जरिए पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर ₹3 प्रति लीटर, डीजल पर इसे घटाकर 0 कर दिया गया है। साथ ही, डीजल के निर्यात पर ₹21.5 प्रति लीटर का 'विंडफाल टैक्स' भी लगाया गया है।
वैश्विक तनाव और सरकार का रुख
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया (इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव) के कारण Strait of Hormuz में आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। भारत अपनी जरूरत का करीब 12-15% कच्चा तेल इसी रास्ते से मंगाता है। सरकार का तर्क है कि इस टैक्स कटौती से तेल कंपनियों को बढ़ते घाटे से निपटने में मदद मिलेगी।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे Panic Buying न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।