Edited By Ramkesh,Updated: 19 Jul, 2026 03:50 PM

छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून के बीच पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी झारखंड के ऊपर बने निम्न दबाव (लो-प्रेशर) क्षेत्र का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उत्तर और मध्य क्षेत्रों में अनेक...
नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून के बीच पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी झारखंड के ऊपर बने निम्न दबाव (लो-प्रेशर) क्षेत्र का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उत्तर और मध्य क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान मध्य एवं उत्तर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अच्छी बारिश के बावजूद एक जून से अब तक औसत मौसमी वर्षा सामान्य से 25 प्रतिशत कम बनी हुई है। बारिश के बीच सरगुजा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से चार बच्चे झुलस गए। इनमें दो बच्चों की मृत्यु हो गई, जबकि दो सगे भाइयों का अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत खतरे से बाहर है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर कई स्थानों पर जलभराव
उधर, जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित करर नाला जलाशय का एक हिस्सा लगातार बारिश के कारण बह गया। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 125 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया है। लगातार बारिश के चलते बिलासपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर कई स्थानों पर जलभराव हो गया, जहां सड़क के ऊपर चार से पांच फीट तक पानी बहता रहा। वहीं कोटमीसोनार क्षेत्र में लीलागर नदी के पुल के ऊपर पानी आने के कारण मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिम बंगाल और उत्तरी झारखंड के ऊपर बना ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सकुर्लेशन लगातार नमी को छत्तीसगढ़ की ओर खींच रहा है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ उत्तर भारत से होते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल तक सक्रिय है।
अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी
पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के ऊपर भी मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इन सभी सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में लगातार वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। प्रदेश में शनिवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान भी 21.0 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉडर् किया गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने तथा मध्य एवं उत्तर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतकर् रहने की सलाह दी गई है।
गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना
राजधानी रायपुर में 19 जुलाई को दिनभर बादल छाए रहने, एक-दो दौर की वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक जून से 18 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में औसतन 307.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों की इसी अवधि की औसत वर्षा 375.4 मिमी का 81.8 प्रतिशत है।
वर्षा के आंकड़ों में बिलासपुर संभाग सबसे आगे
शनिवार को प्रदेश में औसतन 17.7 मिमी बारिश रिकॉडर् की गई। संभागवार वर्षा के आंकड़ों में बिलासपुर संभाग सबसे आगे है। प्रदेश में सर्वाधिक 525.4 मिमी वर्षा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दर्ज की गई है। इसके बाद जांजगीर-चांपा में 441.5 मिमी और बिलासपुर में 383.7 मिमी वर्षा हुई है। शनिवार को सबसे अधिक 58.6 मिमी वर्षा बिलासपुर जिले में रिकॉडर् की गई। रायपुर संभाग में महासमुंद में 397.5 मिमी, बलौदाबाजार में 390.3 मिमी, गरियाबंद में 370.6 मिमी, रायपुर में 367.8 मिमी तथा धमतरी में 278.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
खरीफ फसलों की बुवाई को लाभ
सरगुजा संभाग में बलरामपुर 337.5 मिमी वर्षा के साथ सबसे आगे है। इसके अलावा कोरिया में 267.9 मिमी, जशपुर में 267.3 मिमी, एमसीबी में 266.8 मिमी तथा सूरजपुर में 252.5 मिमी वर्षा हुई है। वहीं सरगुजा जिले में अब तक केवल 161 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बस्तर संभाग में दंतेवाड़ा 405.5 मिमी वर्षा के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद नारायणपुर में 354 मिमी और बीजापुर में 311.8 मिमी वर्षा हुई है। दूसरी ओर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 195.1 मिमी तथा कांकेर में 239.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग में 331.5 मिमी और बालोद में 326.3 मिमी वर्षा रिकॉडर् की गई है, जबकि राजनांदगांव में अब तक केवल 142.9 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से काफी कम है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में हुई अच्छी वर्षा से खरीफ फसलों की बुवाई को लाभ मिला है। हालांकि जिन जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है, वहां खेती की द्दष्टि से आगामी दिनों की बारिश महत्वपूर्ण रहेगी।