Mumbai: भारी बारिश के बाद वसई-विरार में बाढ़ का तांडव, पिछले 40 घंटे से बिजली गुल, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

Edited By Updated: 07 Jul, 2026 10:26 PM

mumbai floods wreak havoc in vasai virar power and water supply disrupted for

पिछले पांच दिनों से लगातार भारी बारिश की वजह से मुंबई के वसई-विरार और नालासोपारा इलाके में बाढ़ का संकट पैदा हो गया है। कई निचले इलाके पांच फीट तक पानी में डूब गए हैं। वहीं पिछले 40 घंटों से अधिक समय से बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली न होने के कारण...

नेशनल डेस्कः पिछले पांच दिनों से लगातार भारी बारिश की वजह से मुंबई के वसई-विरार और नालासोपारा इलाके में बाढ़ का संकट पैदा हो गया है। कई निचले इलाके पांच फीट तक पानी में डूब गए हैं। वहीं पिछले 40 घंटों से अधिक समय से बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली न होने के कारण निवासियों को पीने के पानी, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं के बिना रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। सड़कों और घरों में पानी भरा होने के कारण अब जलजनित बीमारियों (water-borne diseases) के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।

बिजली का ढांचा हुआ तबाह
बाढ़ का सबसे बुरा असर बिजली के बुनियादी ढांचे पर पड़ा है। वसई (पश्चिम) के सनसिटी स्थित महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी का मुख्य सबस्टेशन पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इसके अलावा, कई ट्रांसफार्मर, फीडर पिलर और भूमिगत केबल भी पानी में डूबे हुए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर और करंट लगने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने कई इलाकों की बिजली काट दी है।

घरों में कैद हुए लोग, बुनियादी सुविधाओं की किल्लत
लंबे समय से बिजली गुल होने के कारण मोबाइल टावरों ने काम करना बंद कर दिया है, जिससे इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। घर से काम करने वाले कर्मचारियों और छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दीवानमान की निवासी दीपाली बागुल ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके इनवर्टर और मोबाइल फोन की बैटरी खत्म हो चुकी है और घुटनों तक भरे पानी के कारण वे घर के अंदर फंसे हुए हैं।

दूध और सब्जियों की भारी कमी
शहर में जलजमाव के कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई है। इलेक्ट्रिक पंप न चल पाने के कारण इमारतों की टंकियों में पानी नहीं चढ़ रहा है, जिससे पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है। सड़कों पर पानी भरा होने के कारण दूध की वैन मोहल्लों तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप दूध, सब्जियों और अन्य दैनिक आवश्यकताओं की कमी हो गई है।

परिवहन सेवा पर ब्रेक
यातायात की स्थिति भी बेहद खराब है। नालासोपारा और विरार के बीच रेलवे पटरियों पर पानी भरने के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी प्रभावित रहीं। शहर के अंदर परिवहन सेवा (VVMC) की हालत भी ऐसी ही है, जहां मंगलवार को पूरे शहर में केवल 16 बसें ही चल पाईं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही पानी नहीं उतरा, तो रुके हुए पानी की दुर्गंध और बीमारियों के कारण स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

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