Edited By Radhika,Updated: 06 Jun, 2026 05:20 PM

समोसा, वड़ा पाव और पकौड़े बेचने वालों को FSSAI ने एक बड़ा फरमान सुनाया है। अगर इन चीज़ों के विक्रेता अखबार में लपेटकर खाने की चीज़ें देते हैं तो अब उन्हें भारी जुर्माना लगेगा। FSSAI ने इसे पूरी तरह से बैन कर दिया है। इस राष्ट्रव्यापी कड़े फैसले की...
नेशनल डेस्क: समोसा, वड़ा पाव और पकौड़े बेचने वालों को FSSAI ने एक बड़ा फरमान सुनाया है। अगर इन चीज़ों के विक्रेता अखबार में लपेटकर खाने की चीज़ें देते हैं तो अब उन्हें भारी जुर्माना लगेगा। FSSAI ने इसे पूरी तरह से बैन कर दिया है। इस राष्ट्रव्यापी कड़े फैसले की मुख्य वजह हाल ही में मुंबई में सामने आया एक मामला है। वहाँ एक वड़ा पाव विक्रेता ग्राहकों को अखबार में खाना लपेटकर दे रहा था। इस मामले में एक्शन लेते हुए FSSAI की पश्चिमी क्षेत्र की टीम और BMC ने साझा कार्रवाई की। इसी घटना से सबक लेते हुए FSSAI ने अब देश के सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों को कड़ी निगरानी रखने और सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
सब पर लागू होगा नियम
जानकारी के लिए बता दें कि यह नया सरकारी आदेश छोटे दुकानदारों, ठेलों से लेकर क्लाउड किचन तक सभी पर समान रुप से लागू होगा। अक्सर देखा जाता है कि दुकानदार समोसे या पकौड़ों का अतिरिक्त तेल सुखाने के लिए उन्हें अखबार पर रख देते हैं। नए नियम के तहत तेल सोखने या खाने को ढकने के लिए भी अखबार का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के अनुसार
फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों का मानना है कि अखबार में खाना परोसना सीधे तौर पर बीमारियों को बुलावा देना है। दरअसल अखबार की प्रिंटिंग में प्रयोग होने वाली स्याही में Lead जैसी खतरनाक भारी धातुएं और बायोएक्टिव रसायन होते हैं। जब कोई गर्म समोसा या वड़ा पाव अखबार पर रखा जाता है, तो गर्मी के कारण यह स्याही पिघलकर खाने में मिल जाती है। इसके अलावा अखबार को कई अस्वच्छ हाथों से हाथों से होकर गुजरना पड़ता है, जो कैंसर और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों की वजह बन सकते हैं।
अब क्या होगा विकल्प?
FSSAI ने आदेश जारी करते हुए कहा कि खाने-पीने की चीजों को पैक करने या परोसने के लिए सिर्फ और सिर्फ 'फूड-ग्रेड' पैकेजिंग मटेरियल (जैसे फूड-ग्रेड पेपर या बटर पेपर) का ही यूज करना होगा। सभी राज्यों में यह आदेश लागू किया है और अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि बाजारों की अचानक चेकिंग की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही भी की जाए।