Edited By Radhika,Updated: 29 May, 2026 02:38 PM

सोशल मीडिया पर हाल ही में IRCTC से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक IRCTC कर्मी ट्रेन के टॉयलेट में बर्तन धोते हुए दिख रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इंडियन रेलवे में साफ- सफाई और हाईजीन पर सवाल खड़े किए हैं। यह वीडियो कर्मियों की...
नेशनल डेस्क: सोशल मीडिया पर हाल ही में IRCTC से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक IRCTC कर्मी ट्रेन के टॉयलेट में बर्तन धोते हुए दिख रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इंडियन रेलवे में साफ- सफाई और हाईजीन पर सवाल खड़े किए हैं। यह वीडियो कर्मियों की लापरवाही को दिखाती है। इस घटना के बाद रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है और खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल यह पूरा मामला लोकमान्य तिलक टर्मिनस-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या- 12223) का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने IRCTC के कर्मचारी को टॉयलेट के अंदर बर्तन साफ करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। इस दौरान कर्मचारी ने शौचालय के फर्श पर बर्तन रखे हुए हैं और वहीं के पानी से उनकी सफाई कर रहा है।
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FSSAI ने नियमों के उल्लंघन पर मांगा जवाब
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, इस वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने IRCTC को नोटिस जारी किया है। नियमों के अनुसार, ऐसा करना Food Safety and Standards Rules 2011 के शेड्यूल 4 में तय स्वच्छता और हाइजीन के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इन नियमों के तहत खाना बनाने, परोसने और बर्तन धोने के लिए पूरी तरह से स्वच्छ वातावरण होना अनिवार्य है ताकि भोजन में किसी भी प्रकार का संक्रमण या गंदगी न फैले।
IRCTC ने कहा- दोषियों को काम से हटाया, लगाया जुर्माना
IRCTC ने इस पूरे विवाद पर अपनी सफाई दी है। हालांकि, IRCTCका कहना है कि उसे अभी तक FSSAI की तरफ से कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है, क्योंकि सभी मोबाइल कैटरिंग इकाइयां नामित रेलवे अधिकारियों द्वारा जारी FSSAI लाइसेंस के तहत काम करती हैं। इसी के साथ ही IRCTC ने साफ किया कि 24 मई 2026 को हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत सख्त कदम उठाए गए थे। लापरवाही बरतने वाले कैटरिंग सर्विस प्रोवाइडर (सेवा प्रदाता) पर भारी जुर्माना लगाया गया है और संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया है। आईआरसीटीसी ने दोहराया कि यात्रियों की सेहत और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है।