Edited By Parveen Kumar,Updated: 08 Jun, 2026 08:44 PM

दुनिया भर की निगाहें ऐपल के CEO टिम कुक पर टिकी हैं, क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि कंपनी अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फ्रेमवर्क में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव पेश कर सकती है। वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (WWDC) 2026 में नए सॉफ्टवेयर अपडेट्स के...
नेशनल डेस्क : दुनिया भर की निगाहें ऐपल के CEO टिम कुक पर टिकी हैं, क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि कंपनी अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फ्रेमवर्क में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव पेश कर सकती है। वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (WWDC) 2026 में नए सॉफ्टवेयर अपडेट्स के साथ-साथ Siri को भी AI की ताकत से लैस करने की तैयारी है।
पिछले साल घोषित AI फीचर्स को समय पर लॉन्च न कर पाने के कारण ऐपल को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इस देरी का फायदा Google के Gemini और OpenAI के ChatGPT जैसे प्रतिद्वंद्वियों को मिला, जिन्होंने AI की दुनिया में तेजी से बढ़त बनाई। टेक निवेश फर्म डीपवॉटर एसेट मैनेजमेंट के को-फाउंडर जीन मुनस्टर के अनुसार, ऐपल लंबे समय से ऐसा कोई बड़ा इनोवेशन नहीं दिखा पाया है, जिसने लोगों को चौंका दिया हो।
इस बार का WWDC इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह टिम कुक के CEO कार्यकाल का आखिरी बड़ा मंच हो सकता है। 1 सितंबर से कंपनी की कमान जॉन टर्नस संभालेंगे, जबकि कुक एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में नजर आएंगे।
टिम कुक की अगुवाई में ऐपल ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचा और भारत जैसे रणनीतिक बाजारों में iPhone निर्माण का विस्तार हुआ। अब माना जा रहा है कि AI-संचालित नई Siri ऐपल के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।
जानकारों का मानना है कि नया Siri सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आवाज के जरिए दिए गए जटिल और बहु-स्तरीय निर्देशों को समझकर उन्हें पूरा भी कर सकेगा। यदि ऐसा होता है, तो ऐपल AI की प्रतिस्पर्धा में एक बार फिर शीर्ष दावेदार बन सकता है।
गौरतलब है कि Siri को पहली बार 2011 में iPhone 4s के साथ पेश किया गया था और यह स्मार्टफोन दुनिया का पहला लोकप्रिय वर्चुअल वॉइस असिस्टेंट बना था। अब 15 साल बाद, Siri के सबसे बड़े बदलाव का इंतजार पूरी टेक इंडस्ट्री कर रही है।