Edited By ,Updated: 19 Mar, 2016 10:43 AM

अक्सर देखा जाता है कि जब छोटे बच्चों के दांत निकलते हैं तो मसूड़ों में दर्द होने के साथ वह बहुत ही चिड़चिड़े हो जाते हैं अौर बात-बात पर...
अक्सर देखा जाता है कि जब छोटे बच्चों के दांत निकलते हैं तो मसूड़ों में दर्द होने के साथ वह बहुत ही चिड़चिड़े हो जाते हैं अौर बात-बात पर रोने लगते हैं। इसलिए ज्यादातर बच्चे मसूड़ों में दर्द होने के कारण कुछ न कुछ मुंह में डालकर चबाने लगते हैं। ऐसे में हम अपने बच्चों को प्लास्टिक या रबड़ के टीथर बाजार से लाकर देते हैं। जिन्हें बच्चें जबाने लगते है। पर आज हम आपको बताएंगे कि यह सब आपके बच्चों के लिए नुकसानदायक होते हैं क्योंकि इसमें बहुत से केमिकल होते हैं। तो आइए जानते हैं बच्चों को किस तरह के नैचुरल टीथर दें।
प्लास्टिक के टीथर
अक्सर हम अपने बच्चों के प्लास्टिक या रबड़ के टीथर चबीते को लिए देते हैं, पर इसे चबाने से कई बार बच्चों के मसूड़े कट जाते हैं अौर घाव हो जाते हैं। इन लो ग्रेड प्लास्टिक या रबड़ के टीथर में एेसा केमिकल होता है जिससे बच्चों को नुकसान पहुंच सकता हैं। इसलिए छोटे बच्चों को प्लास्टिक या रबड़ के टीथर की जगह पर नैचुरल टीथर ही दें।
बच्चों के लिए नैचुरल टीथर
- अाप अपने छोटे बच्चों को नैचुरल टीथर में गाजर, मूली, चुकंदर का एक पीस चबाने के लिए दें सकते हैं।
- प्लास्टिक या रबड़ के टीथर की तुलना में नैचुरल टीथर सुरक्षित और प्राकृतिक होते हैं।
- ध्यान में रखें कि प्लास्टिक या रबड़ के टीथर में होने वाले केमिकली बच्चों के नुकसान पहुंचाते।
- नैचुरल टीथर में गाजर, मूली, चुकंदर कड़क होते हैं जों बच्चों के मसूड़ों में अच्छी तरह से दबाव बनता है।
फ्रोजेन गाजर का स्टिक दें
अपने छोटे बच्चों के मसूड़ों को मजबूत बनाने के लिए एक गाजर लेकर उसे अच्छे से साफ करें, फिर स्क्रैप करके काट लें। काटने के बाद इसे थोड़े समय के लिए फ्रिज में ठंड़ा होने के लिए रख दें। पर ध्यान में रखें कि गाजर की स्टिक मोटी हो। अगर गाजर की स्टिक मोटी होगी तो बच्चा इसे तोड़ नहीं पाएगा अौर इसे ज्यादा समय तक चबाएगा।