Edited By Isha,Updated: 11 Nov, 2018 10:06 AM

पंजाब में फसल बुवाई के लिए लक्षित खेती योग्य भूमि के लगभग 38 प्रतिशत भाग में गेहूं बोया गया है, एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पंजाब कृषि सचिव के एस पन्नू ने यहां एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा कि 87 लाख एकड़ गेहूं क्षेत्र के लक्ष्य के मुकाबले...
चंडीगढ़ः पंजाब में फसल बुवाई के लिए लक्षित खेती योग्य भूमि के लगभग 38 प्रतिशत भाग में गेहूं बोया गया है, एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पंजाब कृषि सचिव के एस पन्नू ने यहां एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा कि 87 लाख एकड़ गेहूं क्षेत्र के लक्ष्य के मुकाबले 33 लाख एकड़ जमीन पर बुवाई पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गेहूं की बुवाई अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में शुरू होती है और नवंबर अंत तक जारी रहती है।
राज्य सरकार ने गेहूं की बुवाई के मकसद से सिंचाई के लिए बिजली की सुनिश्चित आपूति, नियमित नहर जल आपूति सहित सारी व्यवस्थाएं की हैं। उत्पादकों के लिए करीब 4.50 लाख टन डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराया गया है जबकि 2.84 लाख क्टिवंटल प्रमाणित गेहूं के बीज को 1000 रुपए प्रति क्टिवंटल की सब्सिडी पर छोटे और सीमांत किसानों को उपलब्ध कराया गया है।
उर्वरकों के संतुलित उपयोग की दिशा में किसानों को मनाने के लिए सरकार की वचनबद्धता को पुष्ट करते हुए पन्नू ने कहा कि किसानों को ईष्टतम उपयोग के लाभों के बारे में शिक्षित करने के लिए एक सर्मिपत अभियान भी शुरू किया गया है। पन्नू ने कहा कि पहली बार, लगभग 13,000 सीधी गेहूं की बीजाई करने वाली मशीनों को धान के भूसे के जलाये बिना गेहूं बोने के लिए तैनात किया गया है।