Edited By Vatika,Updated: 31 Jan, 2026 12:46 PM

चंडीगढ़ के स्कूलों को मिल रही बम की धमकियों और बढ़ते साइबर अपराधों
चंडीगढ़ (मनप्रीत): चंडीगढ़ के स्कूलों को मिल रही बम की धमकियों और बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CCPCR) ने स्कूलों की सुरक्षा और साइबर जागरूकता को मजबूत करने के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
एडवाइजरी के अनुसार स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत होनी चाहिए और किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना पुख्ता पहचान और जांच के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। स्कूल परिसर में किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने पर उसकी गंभीरता से जांच की जाएगी। सालाना कार्यक्रमों और बड़े आयोजनों के दौरान मेटल डिटेक्टर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल अनिवार्य करने की सलाह दी गई है। आयोग ने जोर देकर कहा है कि स्कूल प्रबंधन स्थानीय पुलिस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और किसी भी धमकी भरे संदेश, संदिग्ध ई-मेल, फिशिंग लिंक या विशिंग कॉल की जानकारी बिना देरी किए तुरंत पुलिस को दें।
इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस और साइबर क्राइम सेल के सहयोग से स्कूल प्रिंसिपलों, शिक्षकों, प्रशासनिक स्टाफ और सुरक्षा कर्मचारियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात भी कही गई है। इन कार्यक्रमों में आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और आपात स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्कूलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकें और केवल सरकारी अधिकारियों या प्रशासन द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। छात्रों और अभिभावकों के लिए भी साइबर सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित करने की सलाह दी गई है। आयोग की चेयरपर्सन शिप्रा बंसल ने चंडीगढ़ प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शहर के सभी विभाग बच्चों के लिए सुरक्षित और डर-मुक्त माहौल बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।