Edited By Urmila,Updated: 17 Jan, 2026 05:45 PM

कांग्रेस नेता परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बयान को लेकर ट्वीट कर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
पंजाब डेस्क : कांग्रेस नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी (आप) की नेता तथा दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के एक कथित बयान को लेकर तीखा हमला किया है। परगट सिंह ने कहा कि दिल्ली विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो चुका है कि आतिशी ने सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं।
परगट सिंह ने कहा कि सिख गुरुओं का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और इस मामले में अब किसी भी तरह के इनकार या ध्यान भटकाने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने आतिशी से सिख समुदाय से तुरंत बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। उनका कहना था कि इससे कम कोई भी कदम सिख भावनाओं और लोकतांत्रिक जवाबदेही का अपमान होगा।
कांग्रेस नेता ने आगे मांग की कि सच्चाई सामने आने के बाद आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए और उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाया जाए। साथ ही उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।
परगट सिंह ने आरोप लगाया कि आतिशी को इस मुद्दे पर पहले ही पंजाब के लोगों और सिख समुदाय से माफी मांग लेनी चाहिए थी, लेकिन इतने समय बीत जाने के बावजूद उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस मामले को गलत दिशा देने की कोशिश की, जबकि सिख भावनाओं का सम्मान करते हुए निष्पक्ष फैसला लिया जाना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने बिना फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किए राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज कर दिए, जबकि अब वीडियो से छेड़छाड़ के आरोप भी गलत साबित हो चुके हैं। परगट सिंह का कहना था कि कई अन्य मामलों में जहां फोरेंसिक जांच की जरूरत थी, वहां सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, लेकिन इस प्रकरण में आतिशी को बचाने के लिए सरकार सक्रिय नजर आई।
अंत में परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी से इस पूरे मामले पर स्पष्ट और जिम्मेदार रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जवाबदेही तय होना जरूरी है।
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