रमजान में ईरान जंग ने बढ़ाई भारत की टेंशन, खाड़ी में फंसे 1 करोड़ भारतीयों को लेकर MEA सतर्क, संयम और शांति की अपील की

Edited By Updated: 03 Mar, 2026 06:07 PM

india calls for restraint expresses deep concern as iran gulf conflict

भारत ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम और कूटनीति की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि रमज़ान के पवित्र महीने में हिंसा चिंताजनक है। खाड़ी में बसे लगभग एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा, व्यापार और...

International Desk: नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में 28 फरवरी से जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता Ministry of External Affairs ने बयान जारी कर कहा कि भारत ने शुरुआत से ही सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की थी। बयान में कहा गया कि रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान हालात और बिगड़ गए हैं। हाल के दिनों में संघर्ष की तीव्रता बढ़ी है। इसका दायरा अन्य देशों तक फैल गया है। जनहानि और तबाही में इजाफा हुआ है। सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां ठप हो रही हैं। भारत ने कहा कि एक निकट पड़ोसी और क्षेत्रीय स्थिरता में गहरी हिस्सेदारी रखने वाले देश के रूप में ये घटनाक्रम चिंता पैदा करते हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

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विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।बयान में कहा गया क्षेत्र से गुजरने वाली ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक मार्ग भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। भारत मर्चेंट शिपिंग पर हमलों का सख्त विरोध करता है। विदेश मंत्रालय ने बताया किहाल के दिनों में कुछ भारतीय नागरिकों की मौत या लापता होने की खबरें आई हैं। प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास  भारतीय नागरिकों और सामुदायिक संगठनों से लगातार संपर्क में हैं।

 

विदेश मंत्रालय ने बताया कि समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहे हैं  और फंसे हुए भारतीयों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। सरकार ने कहा कि हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है और राष्ट्रीय हित में आवश्यक फैसले लिए जाएंगे।  भारत ने जोर देकर कहा कि समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-इजरायल द्वारा चलाए गए “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोअरिंग लायन” के तहत ईरान में बड़े पैमाने पर हमले हुए, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर भी सामने आई है। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे खाड़ी देशों तक संघर्ष फैल गया।भारत ने साफ किया कि वह क्षेत्रीय सरकारों और प्रमुख वैश्विक साझेदारों के संपर्क में है। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अपने समकक्षों से चर्चा की है।

 
 

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