Edited By Subhash Kapoor,Updated: 28 Jan, 2026 07:46 PM

पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने पंजाब सरकार के ‘वॉर एंगेस्ट गैंगस्टर’ पर तंज कसते हुए कहा कि पुलिस गैंगस्टरों को ढूंढने के लिए मारी-मारी फिर रही है और गैंगस्टर खुलेआम पुलिस के घर में आकर मर्डर करके चले जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि...
चंडीगढ़ : पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने पंजाब सरकार के ‘वॉर एंगेस्ट गैंगस्टर’ पर तंज कसते हुए कहा कि पुलिस गैंगस्टरों को ढूंढने के लिए मारी-मारी फिर रही है और गैंगस्टर खुलेआम पुलिस के घर में आकर मर्डर करके चले जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सबसे सुरक्षित माने जाने वाले एसएसपी दफ्तर मोहाली में अगर हत्या हो सकती है तो पंजाब के आम लोग कहां सुरक्षित रह सकते हैं। पंजाब में बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था को काबू कर पाना या सुधार पाना अब आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के बस की बात नहीं रही। अपराधी अब पुलिस और सरकार को खुलेआम उनके घर आकर चुनौती दे रहे हैं।
परगट सिंह ने कहा कि वह पहले ही कह चुके हैं कि आम आदमी पार्टी कानून व्यवस्था बनाए रखने में शुरू से ही फेल साबित हुई है। यह पार्टी सिर्फ इवेंट क्रिएट करती है और इस बार भी उन्होंने पंजाब के लोगों को मूर्ख बनाने के लिए गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई का इवेंट क्रिएट किया है। 12000 पुलिस मुलाजिमों की 2000 टीमें लगाकर गैंगस्टरों को खत्म करने की बात करने वाली सरकार बताए कि आखिर यह कौन से गैंगस्टर हैं जो बिना किसी डर के वारदातों को खुलेआम अंजाम दे रहे हैं। उनमें पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है।
उन्होंने कहा कि एसएसपी दफ्तर में जहां हथियारबंद पुलिस मुलाजिमों की फौज तैनात हैं और वहां आकर हत्या करके फरार हो जाना सरकार के मुंह और उनकी मुहिम को गैंगस्टरों का तमाचा है। सवाल यह भी खड़ा होता है कि आखिर पुलिस ने वारदात को अंजाम दे रहे इन गैंगस्टरों पर जवाबी कार्रवाई क्यों नहीं की? यह पुलिस की नाकामी को दर्शाता है। हाईकोर्ट की तरफ से एसएसपी मोहाली को तलब किया जाना भी सरकार की असफलता को साबित करता है।
परगट सिंह ने कहा कि आप सरकार की इस मुहिम के बावजूद गैंगस्टरों की तरफ से फिरौती मांगें जाना और हत्याएं करने का सिलसिला थमा नहीं है। उल्टा यह बढ़ता जा रहा है। आज सुबह ही डेरा बाबा नानक में एक मशहूर कैमिस्ट शॉप के मालिक को गोलियां मार कर मौत के घाट उतार दिया जाता है। इससे भी फिरौती मांगी गई थी और एक बार पहले भी हमले की कोशिश की गई थी।