Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 18 Mar, 2026 11:32 PM

नई दिल्ली में भारत और वियतनाम के बीच जनजातीय विकास को लेकर एक अहम मंत्री-स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता Jual Oram और Dao Ngoc Dung ने की।
नेशनल डेस्क: नई दिल्ली में भारत और वियतनाम के बीच जनजातीय विकास को लेकर एक अहम मंत्री-स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता Jual Oram और Dao Ngoc Dung ने की। दोनों देशों ने आदिवासी और जनजातीय समुदायों के विकास के लिए अपने अनुभव, नीतियों और सफल मॉडलों को साझा करने पर सहमति जताई।
कई क्षेत्रों में साथ काम करने पर सहमति
बैठक में पहले से तैयार सहयोग के प्रारूप को मंजूरी दी गई, जिससे भारत और वियतनाम के बीच साझेदारी और मजबूत हुई है। दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में मिलकर काम करने का निर्णय लिया:
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- कौशल विकास (Skill Development)
- रोजगार
- सतत विकास (Sustainable Development)
सांस्कृतिक रिश्तों पर भी जोर
बैठक के दौरान Jual Oram ने कहा कि भारत और वियतनाम के संबंध प्राचीन सभ्यताओं और Gautama Buddha की शिक्षाओं से जुड़े हैं। उन्होंने वियतनाम में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी की सफलता का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
दोनों देशों ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने पर संतोष जताया और इसे जनजातीय एवं सांस्कृतिक सहयोग के जरिए और मजबूत करने का संकल्प लिया।Vietnam ने भारत के सहयोग की सराहना की और अपने 54 जातीय समूहों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
MoC समझौते पर आगे बढ़ी बात
बैठक में जनजातीय मामलों से जुड़े मंत्रालयों के बीच सहयोग ज्ञापन (MoC) के मसौदे की समीक्षा की गई। वियतनाम ने इस मसौदे को मंजूरी दे दी है।
जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा
Dao Ngoc Dung ने Jual Oram को वियतनाम आने और समझौते पर हस्ताक्षर करने का निमंत्रण भी दिया
भविष्य के लिए मजबूत आधार
यह बैठक जनजातीय समुदायों के समावेशी और सतत विकास के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगी। साथ ही, यह पहल वैश्विक सहयोग और सांस्कृतिक संरक्षण को भी बढ़ावा देगी।